देश की शीर्ष जांच एजेंसी 'सीबीआई' को नया प्रमुख मिलने के बाद अब कई दूसरी खुफिया एजेंसियों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को भी नए बॉस मिलने जा रहे हैं। इसके लिए आईपीएस अफसरों ने लॉबिंग शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि बीएसएफ के मौजूदा महानिदेशक राकेश अस्थाना, जिनके बारे में कहा जा रहा था कि वे सीबीआई निदेशक के पद की दौड़ में पहले नंबर पर हैं, 31 अगस्त को रिटायर हो रहे हैं। हालांकि मीडिया में अगले रॉ सेक्रेटरी के पद के लिए उनका नाम उछाला जा रहा है, लेकिन सीबीआई निदेशक की दौड़ से बाहर होने के बाद कई दूसरे आईपीएस उस पद के लिए अपना नाम आगे बढ़ा रहे हैं।
बीएसएफ में नए डीजी की जिम्मेदारी केरल कैडर के 1987 बैच के आईपीएस अरुण कुमार सिन्हा, जो कि मौजूदा समय में एसपीजी के डायरेक्टर हैं, को दी जा सकती है। सीआईएसएफ के स्पेशल डीजी 'मुख्यालय' सुधीर सक्सेना मध्य प्रदेश कैडर 1987, जिन्हें अस्थायी तौर पर डीजी का कार्यभार सौंपा गया है, उन्हें इसी पद पर स्थायी नियुक्ति दी सकती है।
बता दें कि अगले दो-तीन माह के दौरान कई एजेंसियों एवं अर्धसैनिक बलों के प्रमुख रिटायर हो रहे हैं। आईटीबीपी के डीजी एसएस देसवाल 31 अगस्त को रिटायर होंगे। सीआईएसएफ के स्पेशल डीजी 'मुख्यालय' सुधीर सक्सेना, जिन्हें अस्थायी तौर पर डीजी का कार्यभार सौंपा गया है, अगर वे इसी पद पर स्थायी नियुक्ति पा जाते हैं तो एसपीजी को नया बॉस मिलेगा। इसी तरह आईबी प्रमुख अरविंद कुमार, जिन्हें 26 जून 2019 को नियुक्त किया गया था, वे भी जून में रिटायर हो जाएंगे। रॉ सेक्रेटरी सामंत गोयल को भी 26 जून 2019 में नियुक्त किया गया था, इसलिए उनकी सेवानिवृत्ति भी अगले माह तय मानी जा रही है।
हालांकि पिछली बार रॉ सेक्रेटरी अनिल धस्माना और आईबी प्रमुख राजीव जैन को छह माह का सेवा विस्तार दे दिया गया था। सूत्रों का कहना है, इस बार यह संभावित है कि इन्हें सेवा विस्तार न मिले। वजह, केंद्र में 87, 88 बैच के कई आईपीएस इन पदों के लिए अपनी दावेदारी जता रहे हैं। एनआईए के डीजी वाईसी मोदी, जिनका नाम सीबीआई प्रमुख बनने की दौड़ में शामिल था, वे 31 मई को रिटायर हो रहे हैं।
दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव भी अगले माह रिटायर हो रहे हैं। उनका प्रयास है कि वे एनआईए प्रमुख के पद पर नियुक्त हो जाएं। हालांकि जम्मू कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह भी अब केंद्र में आ सकते हैं। केंद्र सरकार के आईपीएस अफसरों की मनोनयन सूची में उनका नाम शामिल किया गया है। केंद्रीय कैबिनेट ने इस सूची को मंजूरी दे दी है। उन्हें भी कोई बड़ा पद सौंपा जा सकता है।