म.प्र. कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी दोनों का मानना है कि बसपा के साथ आने का चुनाव में लाभ जरूर मिलता। इसे ध्यान में रखकर ही कांग्रेस अध्यक्ष ने वहां की प्रदेश इकाई को 30 सीटें बसपा के खाते में देने के लिए रूपरेखा तैयार करने को कहा था। लेकिन यह सब हो पाता कि इसके पहले ही मायावती ने अकेले चुनाव में जाने का एलान कर दिया। कांग्रेस पार्टी के नेताओं के अनुसार इसके बाद भी कोशिश चल रही थी, लेकिन अंतत: बात नहीं बन पाई। इस तरह से बसपा और कांग्रेस तीन राज्यों के चुनाव में साथ नहीं आ सके।
फिर भी जीत लेंगे चुनाव
कांग्रेस पार्टी को भरोसा है कि बसपा के साथ गठबंधन न होने के बाद भी वह म.प्र. में सरकार बनाने के लिए विधानसभा चुनाव में जरूरी संख्या पा जाएगी। हालांकि म.प्र.(231 सीट), राजस्थान(200सीट), छत्तीसगढ़(91 सीट) के विधानसभा चुनाव प्रचार में राहुल गांधी सबसे अधिक समय राजस्थान और म.प्र. को दे रहे हैं।