ओपी रावत ने कहा, पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में जितनी भी ईवीएम या वीवीपैट इस्तेमाल होंगी, वे सब नई हैं। इनमें एक भी मशीन पुरानी नहीं है। अगर किसी को यह पता चलता है कि कहीं पर कोई ईवीएम पुरानी है तो वह उसका नंबर लिखकर आयोग को शिकायत दे सकता है। उस पर फौरन कार्रवाई होगी। फिलहाल चुनाव आयोग द्वारा फुल प्रूफ ईवीएम मार्क-3 इस्तेमाल की जाएंगी। ये सभी मशीनें ईसीआईएल व भेल द्वारा जांची परखी गई हैं।
ईको-फ्रेंडली प्रचार सामग्री पर जोर...
चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों से आग्रह किया है कि वे ईको फ्रेंडली चुनाव सामग्री का इस्तेमाल करें। बैनर, होर्डिंग, पार्टी का झंडा या दूसरी कोई अन्य प्रचार सामग्री ऐसी हो, जिसमें पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले तत्व न हों। इनमें कम से कम प्लास्टिक का इस्तेमाल होना चाहिए।
इस बार निर्वाचन आयोग ने चुनाव में अवैध शराब और काले धन पर अंकुश लगाने के लिए लोगों की मदद ली है। आयोग ने ‘जागरूक नागरिक’ को साथ लेकर उन लोगों पर शिकंजा कसने की योजना बनाई है, जो चुनाव में धन बल, बाहुबल या किसी अन्य गैर कानूनी तरीके से मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का प्रयास करते हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, कोई भी व्यक्ति इस तरह का कोई वीडियो या फोटो आयोग के पास भेज सकता है। आयोग ऐसे मामलों में एक तय समयावधि के भीतर कार्रवाई करेगा।
खास बात है कि चुनाव आयोग शिकायतकर्ता को उसी तरीके से कार्रवाई रिपोर्ट भी भेज देगा, जिस माध्यम से शिकायत आई थी। इसके अलावा आयकर विभाग, पुलिस, ईडी और एयर इंटेलीजेंस एजेंसियों को भी पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में गैर कानूनी तरीके से धन के इस्तेमाल पर निगाह रखने के लिए जरूरी हिदायतें जारी कर दी गई हैं।