चीनी राष्ट्रपति से वार्ता के बाद मीडिया के सामने आए विदेश सचिव विजय गोखले का उत्साह देखने लायक था। जैसा कि पहले से तय था कि दोनों शिखर नेताओं की वार्ता का कोई संयुक्त बयान या घोषणा जारी नहीं की जाएगी, साथ ही किसी समझौता या आपसी सहमति पत्र पर दस्तखत नहीं होंगे। हुआ भी ठीक वैसा ही। कई दौर और कई घंटे की अनौपचारिक वार्ता के बाद शी जिनपिंग भारत से नेपाल के लिए रवाना हो गए हैं। वहां उनका दो दिवसीय दौरा है।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग का विश्वास जीतने के बाद प्रधानमंत्री को अब महाराष्ट्र और हरियाणा की जनता का विश्वास जीतना है। इसके लिए वह अगले एक सप्ताह तक दोनों राज्यों के चुनाव प्रचार में समय देंगे। दोनों ही राज्यों में 21 अक्टूबर को मतदान होगा और 24 अक्टूबर को मतगणना होगी। 19 अक्टूबर की शाम पांच बजे तक चुनाव प्रचार किया जा सकेगा। इसके लिए प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र में नौ जनसभा और हरियाणा में चार जनसभा करने का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री की हर जनसभा में दोनों राज्यों की 15 से 20 सीटों पर असर पड़ने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री हरियाणा में 14 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक चुनाव प्रचार करेंगे। 14 अक्टूबर को वह थानेसर, कुरुक्षेत्र और चरखी दारदी में रेसलर रहीं भाजपा प्रत्याशी बबिता फोगाट के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। 2014 में देश का प्रधानमंत्री बनने के बाद वह पहली बार चरखी दादरी चुनाव प्रचार के लिए जाएंगे। कुरुक्षेत्र हरियाणा का केन्द्र है। 14 अक्टूबर को ही प्रधानमंत्री यहां की जनता से भाजपा प्रत्याशी को वोट देने की अपील करेंगे। 15 अक्टूबर को प्रधानमंत्री फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में मतदाताओं को संबोधित करेंगे, वहीं 18 अक्टूबर को वह हिसार में चुनाव का बिगुल बजाएंगे।
प्रधानमंत्री 13 अक्टूबर को महाराष्ट्र में चुनाव अभियान को धार देने जा रहे हैं। उनकी पहली जनसभा जलगांव में होगी। दूसरी जनसभा विदर्भ के भंडारा जिले के सकोली में होगी। भाजपा महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ मिलकर 200 सीटों से अधिक पाने की उम्मीद लेकर चल रही है। यहां प्रधानमंत्री के निशाने पर एनसीपी नेता शरद पवार और कांग्रेस की भ्रष्ट राजनीति रहेगी। 16 अक्तूबर को प्रधानमंत्री महाराष्ट्र में तीन जनसभाओं को संबोधित करेंगे। वह अकोला, परतुल (जालाना) और पनवेल (नवी मुंबई) में जनता से भाजपा-शिवसेना प्रत्याशी के लिए वोट मांगेगे। 17 अक्टूबर को प्रधानमंत्री सतारा, परली (बीड) और पुणे में विपक्षी दलों पर हमला बोलेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ-साथ भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का महाराष्ट्र में कुल 18 जनसभाओं को संबोधित करने का कार्यक्रम है।
भाजपा ने दोनों राज्यों में अभी से राहत की सांस ले ली है। महाराष्ट्र और हरियाणा में भाजपा को विपक्ष बेदम दिखाई दे रहा है। कांग्रेस पार्टी के नेता महाराष्ट्र से लेकर हरियाणा तक आपसी घमासान में जुटे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र हुड्डा और पूर्व केन्द्रीय मंत्री कु. शैलजा को अपने ही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर समेत अन्य के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। यही स्थिति महाराष्ट्र में है, जहां संजय निरुपम जैसे कांग्रेसी नेता भी बागी तेवर अपनाए हैं। ऐसे में भाजपा को दोनों ही राज्यों से बंपर जीत मिलने की उम्मीद है।