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PFI Ban : पीएफआई पर पाबंदी के बाद अब शुरू होगा कानूनी दांव-पेच का दौर, जानें आगे क्या होगा

Wed, 28 Sep 2022 12:02 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून की धारा 3 के तहत पीएफआई समेत नौ संगठनों पर पाबंदी लगाई है। कानूनी प्रक्रिया के जानकारों का कहना है कि पाबंदी से संबंधित अधिसूचना को एक न्यायाधिकरण को भेजा जाएगा। वह इसकी वैधता पर विचार कर फैसला करेगा। 

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हिंसा से जुड़ी कई घटनाओं में पीएफआई का नाम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने आतंकी गतिविधियों में लिप्त पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI)  व उसके आठ सहयोगी संगठनों पर पाबंदी लगा दी है, लेकिन सिर्फ इतना ही काफी नहीं होगा। उसे बहुरुपिये आतंकी संगठनों पर नजर रखने के साथ ही पाबंदी के बचाव में कानूनी दांव-पेचों का भी सामना करना पड़ेगा। ये संगठन पाबंदी के खिलाफ कुछ दिनों में अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। 

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून की धारा 3 के तहत पीएफआई समेत नौ संगठनों पर पाबंदी लगाई है। कानूनी प्रक्रिया के जानकारों का कहना है कि पाबंदी से संबंधित अधिसूचना को एक न्यायाधिकरण (ट्रिब्यूनल)  को भेजा जाएगा। वह इसकी वैधता पर विचार कर फैसला करेगा। 

केंद्र सरकार को यूएपीए की धारा 4 के तहत 30 दिनों के भीतर यह अधिसूचना गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम न्यायाधिकरण को भेजना अनिवार्य है। इसमें उन सभी मामलों का विवरण होगा, जो एनआईए, ईडी और राज्यों की पुलिस ने पीएफआई और उसके नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ देशभर में दर्ज किए हैं। 
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गृह मंत्रालय न्यायाधिकरण को पीएफआई के बारे में विस्तृत नोट भी प्रस्तुत कर सकता है। इसमें बताया जाएगा कि कैसे यह संगठन देश विरोधी गतिविधियों में लगा है और कैसे असंतोष और वैमनस्य बढ़ा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय संबंधों, अवैध गतिविधियों और कानूनों के उल्लंघन के साक्ष्य पेश किए जाएंगे। 

ट्रिब्यूनल पीएफआई को नोटिस जारी मांगेगा जवाब
जब मामला न्यायाधिकरण को भेज दिया जाएगा तो वह पीएफआई को कारण बताओ नोटिस जारी कर उसे लिखित में जवाब देने के लिए कहेगा। संगठन से पूछा जाएगा कि उसे प्रतिबंधित क्यों नहीं किया जाना चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर ट्रिब्यूनल यह तय करने के लिए जांच कर सकता है कि क्या पीएफआई को गैरकानूनी घोषित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।

सबूतों के आधार पर कार्रवाई: गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा 
इस बीच, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी ने कहा है कि पीएफआई के खिलाफ जांच व कार्रवाई सबूतों पर आधारित है। पाबंदी को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि यदि पीएफआई खतरनाक नहीं होता तो उस पर पाबंदी क्यों लगाई जाती? 

 

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