कोरोना काल में अपने घरों में कैद हुए लोग वापस अपनी पुरानी जिंदगी में लौट रहे हैं। शादी की सालगिरह हो या फिर हनीमून प्लानिंग इन सब के लिए लोग एक बार फिर सैर करना पसंद कर रहे हैं। देश में कोरोना के कम होते मामलों और वैक्सीनेशन के बाद लोग फिर से मौज-मस्ती करने के मूड में नजर आ रहे हैं। आने वाले दो महीनों में 65 फीसदी भारतीय पर्यटक स्थलों पर घूमने का मन बना रहे हैं। हनीमून कपल के लिए कश्मीर, केरल, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड हॉट डेस्टिनेशन बनकर उभरे हैं। वहीं, 80 फीसदी अभी भी अपने वाहन से ही ट्रैवल करना पसंद कर रहे हैं।
एसओटीसी ट्रैवल कंपनी के अध्यक्ष और कंट्री हेड डेनियल डिसूजा ने अमर उजाला से कहा कि 74 फीसदी पर्यटक केवल 5-10 दिनों के लिए बाहर घूमना पसंद कर रहे हैं। इनमें वे वाइल्ड लाइफ टूर और लोकल टूर करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। लोकल टूर में वे गांव संस्कृति, सभ्यता और व्यंजनों का मजा लेना चाहते हैं। युवाओं की रुचि बाइक से लेह लद्दाख की यात्रा करने में ज्यादा है। कोरोना संक्रमण के डर से पर्यटक इस बार एक ही रिजॉर्ट और एक ही होटल में ठहरना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों की वजह से 2020 में तीस लाख से भी कम विदेशी पर्यटक भारत आए और यह संख्या 2019 की तुलना में 75 फीसदी कम है। हाल ही में केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी थी।
उन्होंने बताया कि 2019 में भारत आए विदेशी सैलानियों की संख्या 1.093 करोड़ और 2018 में 1.056 करोड़ थी। 2017 में भारत आए विदेशी पर्यटकों की संख्या एक करोड़ का आंकड़ा पार कर गई थी। तब 1.04 करोड़ विदेशी पर्यटक भारत आए थे। पिछले साल 26.8 लाख विदेशी पर्यटक ही भारत आए। 2020 में पर्यटन क्षेत्र में राजस्व को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए अभी कोई अध्ययन नहीं किया गया है।