वायरस की जांच को लेकर एक बार फिर गिरावट देखने को मिली है। एक दिन पहले देश में 19 लाख से भी ज्यादा सैंपल की जांच की गई थी। हालांकि, बीते गुरुवार 18.26 लाख सैंपल की जांच हुई है। 30 अप्रैल और एक मई के अलावा छह मई को हुई जांच की तुलना में यह आंकड़ा एक लाख कम है। हालांकि, इस बार जांच कम होने के बाद भी कोरोना मरीजों की संख्या चार लाख से अधिक रही है। इससे पता चलता है कि देश में संक्रमण दर अभी बढ़ती जा रही है।
सावधानी बरतें तो रोक सकते हैं तीसरी लहर
केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार विजय राघवन ने कहा, अगर व्यक्तिगत, स्थानीय, राज्य स्तरों पर सभी जगह सावधानी बरती जाए तो हम महामारी कोरोना वायरस की तीसरी लहर आने से रोक सकते हैं। दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए तो शायद कुछ ही जगहों पर कोरोना की तीसरी लहर आएगी या फिर कहीं भी नहीं आएगी।
हालांकि, दो दिन पहले राघवन ने कहा था कि कोरोना की तीसरी लहर को कोई रोक नहीं सकता क्योंकि वायरस रूप बदलता रहता है। राघवन ने कहा, सावधानी बरतने, निगरानी, कंटेनमेंट, जांच और इलाज को लेकर दिशा-निर्देशों का पालन करने कोरोना को रोकना मुश्किल नहीं है। जिन लोगों ने टीका लिया है, मास्क पहनते हैं, पूरी सावधानी बरतते हैं, वे सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, ऐसे लोग जो संक्रमित हैं पर बिना लक्षण के हैं, वे दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं, ऐसे में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
कोविन एप में अब चार अंकों का सुरक्षा कोड
टीकाकरण के लिए कोविन एप पर रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी को कम करने के लिए चार अंकों का सुरक्षा कोड लाया गया है। यह व्यवस्था आठ मई से शुरू होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अतिरिक्त सुरक्षा सुविधा का उद्देश्य गड़बड़ी को कम करना है। मोबाइल एप पर टीकाकरण का स्लॉट बुक करने पर लोगों को चार अंकों का सुरक्षा कोड प्राप्त होगा। इसे टीकाकरण केंद्र में प्रस्तुत करना होगा। इस कोड का उल्लेख डिजिटल प्रमाणपत्र पर भी किया जाएगा। इससे स्पष्ट हो सकेगा कि निर्धारित तिथि पर टीकाकरण के लिए लोग उपस्थित हुए थे या नहीं।
यूपी में एक दिन में 28,076 संक्रमित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बीते एक दिन में कोरोना संक्रमण के 28,076 नए मामले सामने आए हैं। वहीं, पहले से इलाज करा रहे 33,117 मरीज स्वस्थ हुए हैं।