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गुवाहाटी : पूरे असम से हटेगा अफस्पा, गृह मंत्री शाह ने की राज्य पुलिस की तारीफ, अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर बंगाल सरकार को घेरा

Tue, 10 May 2022 03:54 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

शाह ने असम पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि उसने संवैधानिक दायित्व की पूर्ति के लिए गोली का जवाब गोली से दिया। राज्य के भटके युवाओं को मुख्य धारा में लाया गया है।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुवाहाटी में - फोटो : ANI
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विस्तार
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असम दौरे के दूसरे दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी में कहा कि पूरे असम से अफस्पा हटाया जाएगा। मोदी सरकार के आठ साल के राज में राज्य के 23 जिलों यानी 60 फीसदी हिस्से से यह हटाया जा चुका है। इसके अलावा अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बंगाल सरकार इसमें केंद्र का सहयोग नहीं कर रही है।

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शाह ने असम पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि उसने संवैधानिक दायित्व की पूर्ति के लिए गोली का जवाब गोली से दिया। उसके बाद राज्य के भटके युवाओं को मुख्य धारा में लाया गया। उग्रवादियों से शांति समझौते किए जा रहे हैं। गृहमंत्री ने कहा कि असम में 1990 में विशेष सशस्त्र बल कानून AFSPA लागू किया गया था। इसके बाद इसे 7 बार बढ़ाया गया। लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी के आठ साल के शासनकाल में हम असम को अफस्पा मुक्त राज्य बनाने में जुटे हैं।
फिलहाल 60 फीसदी हिस्से से उग्रवाद के खिलाफ यह कठोर कानून हटाया जा चुका है। शाह ने कहा कि उग्रवादी समूहों के साथ लगातार एक के बाद एक समझौते किए जा रहे हैं। भटके युवा मुख्यधारा में लौट रहे हैं। 70 साल पुराने विवाद हल करने के लिए पड़ोसी राज्यों से चर्चा की जा रही है। 
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केंद्र ने अप्रैल माह में अधिसूचना जारी कर असम के 23 जिलों से पूरी तरह और एक उप-संभाग से आंशिक रूप से अफ्स्पा हटा दिया था। असम के नौ जिलों- तिनसुकिया, डिब्रूगढ़, चराईदेव, शिवसागर, जोरहाट, गोलाघाट, कारबी आंगलोंग, वेस्ट कारबी आंगलोंग, दिमा हसाओ और कछार जिले के लखीमपुर उप-संभाग में अफ्स्पा लागू रहेगा। 

बोले- पश्चिम बंगाल सरकार नहीं कर रही केंद्र का सहयोग
अवैध घुसपैठ की चुनौती से निपटने में असम की भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की सराहना करते हुए शाह ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार इस समस्या का सामना करने में केंद्र के साथ सहयोग नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घुसपैठ की समस्या को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं लेकिन बंगाल केंद्र के साथ सहयोग नहीं कर रहा है। 

पूर्वोत्तर के 31 जिलों में पूरी तरह, व 12 आंशिक रूप से लागू
पूर्वोत्तर के बड़े हिस्से से सशस्त्र बल विशेष अधिकार कानून (अफ्स्पा) हटाने के केंद्र के फैसले के बाद यह कानून अब सिर्फ 31 जिलों में पूरी तरह व 12 में आंशिक रूप से प्रभावी है। इन जिलों को 1 अप्रैल से छह महीने के लिए अशांत घोषित किया है। असम, नगालैंड, मणिपुर व अरुणाचल प्रदेश में कुल 90 जिले हैं। 

क्या है अफस्पा 
अफ्स्पा के तहत किसी क्षेत्र में सैन्य बलों को उपद्रव को शांत करने के लिए विशेष अधिकार हासिल होते हैं और उनके द्वारा की गई कार्रवाई कानूनी जवाबदेही से मुक्त होती है। इसे मेघालय से 2018 में, त्रिपुरा से 2015 और 1980 के दशक में मिजोरम से पूरी तरह हटा लिया गया था। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को पूर्वोत्तर में अफ्स्पा के तहत घोषित ‘अशांत क्षेत्रों’ की संख्या में कटौती की घोषणा की थी।

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