तालिबान लड़ाकों की उग्र हिंसा के बीच अफगानिस्तान ने पाकिस्तान से फिर से अनुरोध किया है कि वह तालिबान को समर्थन देना बंद करे। भारत स्थित अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मामुंदजे ने कहा, तालिबानी लड़ाकों ने अफगानिस्तान की पिछले एक दशक की उपलब्धियों को बर्बाद कर दिया है।
उन्होंने कहा कि तालिबानियों ने अफगानिस्तान के कई जिलों पर कब्जा कर लिया है और अफगानिस्तान की फौज पर हमले तेज कर दिए हैं। अप्रैल में विदेशी सेना के अफगानिस्तान छोड़ने कभ् घोषणा के बाद से लड़ाकों के हमले में 1000 से ज्यादा सैनिक और 3000 से ज्यादा नागरिक मारे गए हैं। उन्होंने कहा, पाकिस्तान के क्वेटा, पेशावर और अन्य जगहों पर शूरा की मौजूदगी हमारे लिए गंभीर चिंता की बात है।
भारतीय दूतावास को फिलहाल खतरा नहीं
मामुंदजे ने कहा, अफगानिस्तान में सुरक्षा के हालात ठीक नहीं हैं, लेकिन भारतीय दूतावास को तुरंत कोई खतरा नहीं है। सभी 34 प्रांतों की अस्थाई राजधानियों पर हमारी सेना का नियंत्रण है। वहीं काबुल में भारतीय दूतावास ने भी कहा है कि दूतावास और वाणिज्य दूतावास को फिलहाल बंद नहीं किया जाएगा।
तालिबान का अफगानिस्तान के 85 प्रतिशत भूभाग पर कब्जे का दावा
अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों वापसी के बाद तालिबान ने शुक्रवार को युद्ध प्रभावित देश के 85 फीसदी भूभाग पर कब्जे का दावा किया है। तालिबान प्रतिनिधिमंडल द्वारा इस सप्ताह मास्को की यात्रा के दौरे के अंत में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की गई।
माना जा रहा है कि तालिबान के इस दौरे का मकसद पुतिन प्रशासन को यह आश्वासन देना देना है कि अगर वह सत्ता में आए तो रूस और मध्य एशिया में उसके सहयोगियों को कोई खतरा नहीं होगा। वहीं तालिबान के दावे पर अब तक अफगानिस्तान सरकार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।