हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट के बूते करोड़ों की बेनामी संपत्ति के मालिक बने आफाक बाकरी का यूपी के कई मंत्रियों से संपर्क था। एक के बाद एक, स्वागत कार्यक्रमों में उसकी मौजूदगी बड़ा सुबूत पेश कर रही है। राजनेताओं से संबंध खुलने के बाद सूबे की सियासत गरमा गई है। बदनामी के भय से घबराए माननीय एक दूसरे पर आरोप मढ़कर अपनी गर्दन बचाने में लगे हैं। नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां से मुलाकात के दौरान मौलाना जावेद आब्दी व बाकरी की मौजूदगी ने सत्ता के गलियारों में और गरमाहट पैदा कर दी है।
दिल्ली पुलिस द्वारा जब से उझारी निवासी आफाक बाकरी व उसकी पत्नी सायरा बेगम को अंतर्राष्ट्रीय सेक्स रैकेट चलाने में गिरफ्तार किया है तब से उत्तर प्रदेश के सपा नेताओं में बेचैनी है। ऐसा होना भी लाजमी है क्योंकि कई मंत्रियों के उसके संपर्क बताए जा रहे हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के चेयरमैन मौलाना जावेद आब्दी के साथ उसकी एक कार्यक्रम में फोटो आम होने से सपाइयों के कान खड़े हो गए हैं। हालांकि इस फोटो को आब्दी दिल्ली का बता रहे हैं।
कार्यक्रम में तकरीर के लिए पहुंचना बता रहे हैं। बाकरी से संपर्क होने से इंकार कर रहे हैं। खाद्य एवं रसद मंत्री कमाल अख्तर के साथ उसमें शिरकत करने की बात जब से उन्होंने कही है तब से समाजवादी पार्टी में उथल पुथल मची है, क्योंकि खाद्य एवं रसद मंत्री ने मौलाना जावेद आब्दी पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है।
अब एक और फोटो ने दर्जा राज्यमंत्री आब्दी को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस फोटो में दर्जा राज्यमंत्री के अलावा सूबे के नगर विकास मंत्री आजम खां व आफाक बाकरी स्पष्ट दिख रहे हैं। सवाल उठता है कि बाकरी यहां आजम खां से बात करने किसके साथ पहुंचा था। यह फोटो किसी पेट्रोल पंप के पास का है। जहां पर दोनों माननीय गुफ्तगू कर रहे हैं। बाकरी पास में खड़ा है।
बीस साल दबी रही आफाक और सायरा की सच्चाई
जीबी रोड से पकड़े गए आफाक और उसकी पत्नी
- फोटो : एनडीटीवी
दिल्ली के जीबी रोड पर जिस्म की मंडी चला रहे आफाक और सायरा बीस साल तक यूं ही अपनी सच्चाई नहीं दबाए रहे। बल्कि इस राज का एक और सच सामने आया है। दिल्ली के जीबी रोड स्थित कोठों पर मुरादाबादी और अमरोहवी की खास खातिर होती थी। मुरादाबाद और अमरोहा का नाम लेते ही आफाक के गुर्गे और कर्मचारी उनकी सेवा में जुट जाते थे। ये ही वजह थी कि वहां से लौटने के बाद ही लोग मुंह नहीं खोलते थे। जिस कारण आफाक शराफत का चोला ओढ़े रहा।
दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को दिल्ली के जीबी रोड से अमरोहा जिले के उझानी कस्बे निवासी आफाक बाकरी और उसकी पत्नी सायरा को देह व्यापार के आरोप में गिरफ्तार किया था। दोनों ने कबूला था कि वह बीस साल जीडी रोड पर जिस्म की मंडी चला रहे थे। जिसमें उन्होंने पांच हजार से ज्यादा लड़कियों को जिस्म के धंधे में धकेल दिया था। पुलिस ने इनके कब्जे से लग्जरी कारें और रकम भी बरामद की थी। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने अपनी जांच आगे बढ़ाई तो सामने आया है कि आफाक के इस काले कारोबार में मुरादाबाद और अमरोहा के लोगों को भी जानकारी थी।
यहां से लोग अगर आफाक की महफिल में जाते थे तो उन्हें स्पेशल ट्रीटमेंट दिया जाता था। जिस्म की इस मंडी में उनका स्टाफ चलता था। रहने खाने पीने से लेकर सभी तरह के ऐश और आराम उपलब्ध कराए जाते थे। ये ही लोग आफाक का यहां आकर प्रचार करते कि आफाक दिल्ली में बड़ा कारोबारी है। सूत्रों की माने तो अब उन लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। जो आफाक की महफिल में सुविधा ले चुके हैं।
रुपये मिलते ही जानकर भी अंजान बन जाते थे इलाके के लोग
जीबी रोड सेक्स रैकेट में गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
आफाक भी कम शातिर नहीं था। जिन कमरे व कोठियों में वह अमरोहा और मुरादाबाद के लोगों को ठहरवा कर सुविधाएं उपलब्ध कराता था। उन कमरे में सीसीटीवी कैमरे लगे थे। आने-जाने वालों का काला चिट्ठा कैमरों में कैद होता था। दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में ले ली है। जिसके सहारे की अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
जिस इलाके में आफाक बाकरी का धंधा चलता था, उसके बारे में हर कोई जानता था। बेटी के नाम खोले गए मदरसे के इर्द-गिर्द के लोग भी हकीकत से वाकिफ थे। साथ ही आस पास में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में भी खूब रुपया देता था मगर बड़ा आदमी होने की वजह से आवाज नहीं उठाते थे। आफाक सभी को खुश रखता था। गरीबों की जुबां पर दौलत से ताला जड़ देता था।
हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट चलाने वाले उझारी नगर पंचायत निवासी आफाक बाकरी व उसकी पत्नी सायरा बेगम से दिल्ली पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। रैकेट के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की उसने कार्रवाई छेड़ दी है। मुरादाबाद मंडल के चारों जिले दिल्ली पुलिस की नजर में चढ़े हैं। यहां आकर वह छानबीन में लगी है। पता चला है कि बाकरी की काली करतूतों के बारे में जीबी रोड ही नहीं बल्कि उसके आवास के आस-पास रहने वाले लोगों को पूरी जानकारी थी।
मालूम था कि वह सेक्स रैकेट चलाता है। गलत कार्यों में संलिप्त है, लेकिन उसकी शाहखर्ची और हेकड़ी के आगे सबकी बोलती बंद रहती थी। आस पास में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में भी खूब रुपया देता था। गरीबों ही नहीं जरूरत पड़ने पर पड़ोसियों की पूरी मदद करता था। जिसकी वजह से प्रत्येक व्यक्ति की जुबां उसके खिलाफ बोलने से कतराती थी। क्षेत्रीय पुलिस पर भी उसकी मेहरबानी बरसती थी।
सेक्स रैकेट ने वकीलों को किया दो फाड़
आरोपियों से बरामद की गई महंगी कारें
- फोटो : अमर उजाला
अब दूसरा गुट बोला- मौलाना आब्दी का नाम उछाले जाने में साजिश
सेक्स रैकेट के सरगना आफाक बाकरी से प्रदेश सरकार के मंत्रियों की नजदीकी का फोटो प्रकाशित होने के बाद से तहसील का माहौल गर्म है। इस मामले ने वकीलों को दो फाड़ कर दिया है। बृहस्पतिवार को सदर तहसील बार एसोसिएशन से जुड़े वकीलों ने प्रदर्शन कर मौलाना जावेद आब्दी की बर्खास्तगी की मांग की थी। अब दूसरा गुट उनके समर्थन में उतर आया है। उन्होंने बैठक कर साजिश के तहत मौलाना को फंसाने का आरोप लगा डाला है।
तहसील बार एसोसिएशन की बैठक में शुक्रवार को वक्ताओं ने कहा कि, मौलाना जावेद आब्दी का नाम सेक्स रैकेट संचालक आफाक बाकरी के साथ उछाले जाने की निंदा की। एसोसिएशन के सचिव अली वाइज ने कहा कि कुछ लोगों ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के चेयरमैन के खिलाफ बीते दिन प्रदर्शन किया था।
इसमें कई अधिवक्ताओं के नाम ज्ञापन में फर्जी ढंग से डाले गए थे, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सिब्ते हसन सैफी, मो.इरशाद, असद रजा, अली अख्तर, शाहनवाज आलम, शबाब आलम, तय्यब सिद्दीकी, यूसुफ, मोहसिन अख्तर, अशोक कौशिक, कृष्ण पंवार, अशरफ अली अंसारी आदि मौजूद थे।
कहीं आफाक के गुर्गों के चंगुल में तो नहीं अगवा किशोरी
जीबी रोड सेक्स रैकेट में गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
जोया हाईवे से महीने भर पहले हुए मां-बेटी के अपहरण के बाद पांच दिन पहले मां को छोड़ दिया गया। बेटी अभी भी दिल्ली में अपहरणकर्ताओं के चंगुल में है। मां को जान से मारने की धमकी मिली है। महिला के मुताबिक दिल्ली में कमरे में बंद बेटी के साथ कुछ गलत करने की कोशिशें की जा रही थीं। आशंका जताई गई है कि वह आफाक के गुर्गों के चंगुल में है।
आठ अगस्त को रिश्तेदारी से घर लौट रहीं ढबारसी की मां-बेटियों का जोया हाईवे से अपहरण कर लिया गया। कई दिन तक भूखा रख मां को पांच दिन पहले उझारी कस्बे में छोड़ दिया गया। महिला के मुताबिक जिन लोगों ने उनका अपहरण किया था। वे उन्हें दिल्ली में छोड़ कर वापस आ गए। उन्हें दूसरे युवकों की निगरानी में अलग-अलग कमरों में बंद कर दिया गया। आशंका जताई गई है कि किशोरी आफाक या आफाक जैसे ही किसी दूसरे सेक्स रैकेट के गुर्गों के चंगुल में तो नहीं फंसी है।
लिफ्ट देने वाला ढबारसी का शख्स गायब
करीब महीनाभर पहले जोया हाईवे पर ढबारसी निवासी जिस व्यक्ति ने गांव छोड़ देने की बात कहकर मां-बेटी को कार में बैठाया था। वह व्यक्ति उसी दिन से गायब है। यदि पुलिस ढबारसी निवासी आरोपी को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ करे, तो सच सामने आने में ज्यादा देर नहीं लगेगी। लेकिन पुलिस कार्रवाई के बजाय मामले को दबाने में जुटी हुई है।