एयर शो के दौरान जो खास आकर्षण होंगे, वो पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान हैं। अमेरिकी वायु सेना ने अपने पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान एफ-35 को भी बंगलूरू में होने जा रहा एयर शो में भेजा है।
एशिया के सबसे बड़े एयर शो में से एक एयरो इंडिया 2025 की कल से शुरुआत होने जा रही है। यह एयर शो बंगलूरू के येलाहेंका एयर फोर्स स्टेशन पर 10 फरवरी से 14 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान कई आधुनिक लड़ाकू विमान और ड्रोन तकनीक देखने को मिलेंगी। इस एयर शो के दौरान जो खास आकर्षण होंगे, वो पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान हैं। अमेरिकी वायु सेना ने अपने पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान एफ-35 को भी बंगलूरू में होने जा रहा एयर शो में भेजा है।
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पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों पर नजरें
रूस भी अपने पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान सुखोई-एसयू-57 फेलोन को बंगलूरू के एयर शो में प्रदर्शित करेगा। भारत लगातार अपनी सैन्य क्षमताओं में इजाफा कर रहा है और हथियारों का सबसे बड़ा खरीददार देश बनकर उभरा है। ऐसे में एफ-35 लड़ाकू विमान बनाने वाली अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन और रूस अपने-अपने लड़ाकू विमानों से भारत को लुभाने की कोशिश करेंगे। भारतीय वायुसेना के पास अभी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान नहीं हैं।
चीन छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान बना रहा
भारत ने बीते दिनों फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमानों का अधिग्रहण किया था, लेकिन ये विमान भी 4.5वीं पीढ़ी के हैं। बीते साल सरकार ने पांचवीं पीढी के लड़ाकू विमान भारत में ही बनाने के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी और तय लक्ष्य के अनुसार, साल 2035 तक ये विमान भारतीय वायुसेना में शामिल हो सकते हैं। वहीं चीन की वायुसेना द्वारा तेजी से अपने बेड़े को आधुनिक किया जा रहा है। चीन अब छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का भी उत्पादन कर रहा है। इससे साफ है कि भारत और चीन के बीच तकनीक के मामले में बड़ा अंतर पहले ही आ चुका है। चिंताजनक बात ये है कि चीन अपने आधुनिक लड़ाकू विमान पाकिस्तान को भी बेच रहा है।