मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने बुधवार को कहा कि उन्हें संभावित हमले की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षित जगह पर जाने की सलाह दी गई थी। लेकिन उन्होंने अपना घर छोड़ने से इनकार कर दिया।
मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि गारो हिल्स क्षेत्र में तनाव के बीच उन्हें बताया गया था कि कुछ समूह और कई लोग उनकी घर की ओर बढ़ रहे हैं। उनका इरादा तुरा स्थित उनके घर को जलाने और उनके परिवार पर पर हमला करने का था। उन्होंने कहा कि सुरक्षा नियमों के अनुसार उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई थी। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, क्योंकि उन्हें डर नहीं लगता है।
सीएम ने वीडियो जारी कर शांति की अपील की
संगमा ने कहा, मेरी जिंदगी भगवान के हाथों में है और मैं धमकियों से डरने वाला नहीं हूं। गारो समुदाय से आने वाले संगमा ने एक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से शांति बनाए रखने की भी अपील की।
कैसे शुरू हुई हिंसा?
गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने को लेकर जनजातीय और गैरजनजातीय समुदाय के लोगों के बीच मंगलवार को झड़प हुई थी। इस हिंसा में दो लोगों की मौत हुई। स्थिति को देखते हुए बुधवार को क्षेत्र के पांच जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। इसके साथ ही पश्चिम गारो हिल्स और पूर्वी गारो हिल्स जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।
हिंसा को देखते हुए सरकार ने 10 अप्रैल को होने वाले चुनाव को भी स्थगित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने अपने पिता और लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष पीए संगमा की विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें उनसे हिम्मत मिलती है और वह जनता की भलाई के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
'पीए संगमा के आदर्शों से मिलता साहस'
उन्होंने कहा, मैं भी आचिक यानी गारो हूं और मेरे अंदर पीए संगमा का खून बहता है। मैं उनके आदर्शों से साहस लेता हूं। मुझे अपने समुदाय से बहुत प्यार है और मैं पूरी ईमानदारी से जनता के हित में काम कर रहा हूं। इलाके में तनाव के बीच संगमा ने लोगों से शांति बनाए रखने और हिंसा से दूर रनहे की अपील की।
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'हिंसा नहीं, बातचीत से होगा समाधान'
उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्तियों और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने, घरों में घुसने और परिवारों को परेशान करने की घटनाएं सामने आ रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ऐसे काम हमारे समाज और समुदाय के मूल्यों को नहीं दर्शाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि मौजूदा स्थिति को हिंसा नहीं, बल्कि बातचीत के जरिये हल किया जाए।
उन्होंने कहा, आज हम जिस स्थिति का सामना कर रहे हैं, उसका समाधान केवल बातचीत से ही हो सकता है। हमें हिंसा का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए, बल्कि अपने तंत्र का सम्मान करते हुए राज्य और समुदाय को प्राथमिकता देनी चाहिए और मिलकर शांति बहाल करनी चाहिए।