बीसीसीआई में एडमिनिस्ट्रेटर्स अप्वॉइंट करने के मामले में फिलहाल कोई फैसला नहीं हो सका। दरअसल सुप्रीम कोर्ट में एमिकस क्यूरी की ओर से जो नाम दिए गए थे उनमें से ज्यादातर सदस्य 70 से अधिक उम्र के हैं।
एमिकस क्यूरी को कुल 9 नाम दिए गए। वहीं लोढ़ा पैनल की सिफारिशों के मुताबिक 70 साल से अधिक उम्र के एडमिनिस्ट्रेटर्स नहीं होने चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने 27 जनवरी तक बंद लिफाफे में में नाम देने को कहा है। उधर बीसीसीआई में एडमिनिस्ट्रेटर्स अप्वॉइंट करने को लेकर केंद्र सरकार और बोर्ड विरोध ने विरोध किया है।
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में बीसीसीआई में एडमिनिस्ट्रेटर्स अप्वॉइंट करने के मामले पर फैसला होना था। कोर्ट ने 27 जनवरी को ही 3 और नाम सजेस्ट करने को कहा है। ये तीन लोग अगले माह होने वाली आईसीसी की मीटिंग में बीसीसीआई की ओर से शामिल होंगे।
एडमिनिस्ट्रेटर्स को होगी पूरी पावर
सुप्रीम कोर्ट से साफ किया कि कोर्ट की ओर से अप्वॉइंट किए गए एडमिनिस्ट्रेटर्स का कार्यकाल अगले चुनाव तक ही होगा एडमिनिस्ट्रेटर्स के तौर पर कितने और कौन लोग हो सकते हैं इस बात का अभी खुलासा नहीं हुआ है लेकिन कोर्ट के मुताबिक एडमिनिस्ट्रेटर्स को बोर्ड चलाने के लिए पूरी पावर होगी।
अटॉर्नी जनरल ने किया विरोध
उधर इस केस में रेलवे, सर्विसेज और यूनिवर्सिटीज यूनियंस की तरफ से पेश हुए अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध कर रहे हैं, एमिकस क्यूरी के सुझाए नामों पर अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने विरोध किया।
उन्होंने मांग की कि एडमिनिस्ट्रेटर्स के नाम पर फैसला दो हफ्ते के लिए टाला जाए। रोहतगी ने अपनी दलील में कहा, "सुप्रीम कोर्ट के 2016 को लोढ़ा पैनल की सिफारिशों पर दिए आदेश से भेारत की दुनिया में क्रिकेट सुपरपावर के रूप में बनी इमेज बुरी तरह खराब हुई है।" इस पर सुप्रीम कोर्ट ने उनसे सवाल किया, "हमने जब जुलाई में ऑर्डर पास किया था, तब आप कहां थे?"
अनुराग ठाकुर और अजय शिर्के को गंवानी पड़ी कुर्सी
गौतलब है कि लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को लागू न करने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने बीते 2 जनवरी को बीसीसीआई प्रेसिडेंट अनुराग ठाकुर और सेक्रेटरी अजय शिर्के को पद से हटाया।
बीते 20 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई में एमिकस क्यूरी ने बीसीसीआई एडमिनिस्ट्रेटर्स के लिए कुल 9 नाम बंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपे।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया था कि एडमिनिस्ट्रेटर्स के लिए 70 साल से अधिक उम्र के लोगों के नाम क्यों दिए गए।
केंद्र सरकार भी कूदी विवाद में
बता दें कि बीसीसीआई और लोढ़ा समिति के बीच चल रहे विवाद में केंद्र सरकार ने भी दखल दिया। मामले में एटर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट से निवेदन किया कि कोर्ट अपने फैसले पर पुन: विचार करे। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बोर्ड के टॉप अधिकारियों को पद से हटाया था।
2 जनवरी को अनुराग ठाकुर और अजय शिर्के को पद से हटाने के बाद गोपाल सुब्रह्मणयम और अनिल दीवान से बीसीसीआई अधिकारियों के नए नामों के लिए सुझाव मांगे थे।