उन्होंने कहा कि लेकिन ऐसा करते हुए यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि जिन विषयों के साथ करोड़ों लोगों की आस्थाएं जुड़ी हुई हैं, उसे पेश करते समय लोगों की भावनाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। इस तरह के विवाद खड़े होने से कटुता बढ़ती है जिससे बचना ही श्रेयस्कर होता है। उन्होंने कहा कि अच्छी बात है कि आदिपुरुष की टीम ने अपनी गलती सुधारते हुए डॉयलॉग में परिवर्तन कर दिया है।
तकनीक का बेहद गलत इस्तेमाल हुआ- अशोक धींगरा
चित्रमंदिर फिल्म्स के निर्माता-निर्देशक अशोक धींगरा ने कहा कि आदिपुरुष की टीम ने तकनीक का बेहद गलत इस्तेमाल किया। तकनीक का इस्तेमाल अपने कथानक को लोगों तक ज्यादा संवेदनशीलता के साथ पेश करने के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन आदिपुरुष ने नाटकीयता और तकनीक को इतना ज्यादा फूहड़ तरीके से पेश कर दिया कि इससे लोगों की भावनाएं आहत हो गईं। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि फिल्म टीम ने अपनी गलती सुधारने की कोशिश की है, लेकिन यह गलती न हुई होती तो ज्यादा अच्छा होता।
अशोक धींगरा ने कहा कि प्रसिद्ध निर्देशक गोविंद निहलानी ने एक बार कहा था कि 'पहले फिल्मकार तकनीक से पूछते थे कि तुम हमारे लिए क्या कर सकते हो, लेकिन अब तकनीक फिल्मकारों से पूछती है कि तुम्हें क्या चाहिए?' इस बदलती परिस्थिति में असली विषयवस्तु को दिखाने से ज्यादा फिल्मकारों का जोर तकनीक दिखाने में हो जाता है, जो समस्या की असली जड़ है। इससे बचकर ही इस तरह की समस्याओं से बचा जा सकता है।