रमेश ने कहा, ‘‘तथ्य यह है कि अदाणी की सही जांच करने के लिए विदेशी अधिकार क्षेत्र का सहारा लिया गया है, इससे पता चलता है कि कैसे भारतीय संस्थानों पर भाजपा ने कब्जा कर लिया है और कैसे लालची और सत्ता के भूखे नेताओं ने दशकों के संस्थागत विकास को बर्बाद कर दिया है।’’
उन्होंने कहा कि इस खुलासे के बाद सेबी की नाकामी भी एक बार फिर से सामने आती है। रमेश ने जोर देते हुए कहा, ‘‘आगे का सही रास्ता यही है कि अदाणी महाघोटाले में प्रतिभूति कानून के उल्लंघनों की जांच को पूरा करने के लिए एक नए और विश्वसनीय सेबी प्रमुख को नियुक्त किया जाए। साथ ही मामले की पूरी जांच के लिए तुरंत एक जेपीसी का गठन किया जाए।’’
दूसरी तरफ कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने कहा, "पहले यह हिंडनबर्ग रिपोर्ट थी। अब यह अमेरिकी सरकार का न्याय विभाग और एसईसी हैं, जिसने अभियोग जारी किया है। यह बहुत गंभीर है और हम संयुक्त संसदीय जांच की मांग करते हैं। सेबी को भी अपनी जांच के बारे में साफ होना चाहिए क्योंकि वे इसे रोक रहे हैं। वे इसे अब और नहीं छिपा सकते। बहुत गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कॉरपोरेट के साथ-साथ भारत सरकार को भी एक स्पष्ट बयान के साथ सामने आना चाहिए और हम एक संयुक्त संसदीय समिति की जांच की मांग करते हैं।
शिवसेना यूबीटी-आप ने भी की जांच की मांग
शिवसेना-यूबीटी की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "आरोप साबित हो चुके हैं। बेहतर होता कि हमारी जांच एजेंसियां भी रिपोर्ट आने पर स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करतीं। उद्योगपतियों को नियमों और विनियमों का पालन करने के लिए कहा जाना चाहिए, लेकिन एजेंसियां भी उनका बचाव कर रही थीं। सेबी अभी तक उनके खिलाफ आरोप साबित नहीं कर पाई है। कहा जा रहा है कि उन्होंने (गौतम अदाणी ने) अनुबंध पाने के लिए सरकारी अधिकारियों पर लाखों और करोड़ों रुपये खर्च किए। यह हमारे देश की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। एक उद्योगपति के कारण हमारी प्रतिष्ठा खोना दुर्भाग्यपूर्ण है।"
दूसरी तरफ इस मामले में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा, "अदाणी समूह ने भारत को बदनाम किया है। यह बहुत गंभीर मामला है। भारत के प्रधानमंत्री को आगे आकर इसका जवाब देना चाहिए। अदाणी के खिलाफ सभी लंबित मामलों की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक जांच एजेंसी द्वारा की जानी चाहिए और देश के अंदर और बाहर उनके द्वारा किए गए सभी भ्रष्टाचार देश के सामने आने चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।" विपक्ष की ओर से जेपीसी की मांग किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, "संसद सत्र शुरू हो रहा है, हम एक बैठक करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे।"