प्रयागराज से संघ के नेता ज्ञानेश्वर शुक्ला को लग रहा है कि सोनिया गांधी कांग्रेस पार्टी को राहुल गांधी से ज्यादा अच्छी तरह से चलाएंगी। पश्चिम बंगाल में भाजपा और संघ के एजेंडे पर काम कर रहे एसएम शुक्ला का कहना है कि सोनिया गांधी का राजनीतिक व्यवहार भी परिपक्वता से भरा होता है। राहुल गांधी इस मामले में पिछड़ जाते हैं। सोनिया ही कांग्रेस को संभाल सकती हैं।
दिल्ली के पूर्व भाजपा सांसद ऑफ द रिकार्ड कहते हैं कि सोनिया गांधी के कमान संभालने से कांग्रेस को लाभ होगा। वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी का भी मानना है कि सोनिया गांधी के अध्यक्ष बनने का लाभ कांग्रेस को मिलेगा। सभी का मानना है कि जिस दौर से कांग्रेस गुजर रही है, इसमें उसके पास सोनिया गांधी के अलावा कोई दूसरा चेहरा नहीं है।
वहीं, आयकर विभाग के पूर्व कमिश्नर धनेश कपूर का मानना है कि नेहरू-गांधी परिवार के अलावा कांग्रेस पार्टी को संभालने वाला कोई दूसरा नजर नहीं आता। धनेश कपूर का अनुमान है कि सोनिया गांधी पॉवर शिफ्ट करने के लिए पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बनी हैं। उनका कहना है कि जल्द ही भाजपा की तरह कांग्रेस पार्टी भी चुनाव प्रक्रिया से गुजरेगी। इसमें अध्यक्ष पद के प्रियंका गांधी वाड्रा आगे आ सकती हैं।
धनेश कपूर इसकी वजह उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ कांग्रेस की राजनीतिक लड़ाई और प्रियंका की राजनीतिक सूझबूझ को बताते हैं। धनेश की इस राय से बीएसईएस पॉवर कॉरपोरेशन के इंजीनियर डीके सिंह भी इत्तेफाक रखते हैं। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के एक उपाध्यक्ष का कहना है कि वह सोनिया गांधी के पद संभालने से उत्साहित हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी के पास अध्यक्ष पद के लिए प्रियंका गांधी वाड्रा से अच्छा दूसरा नेता नहीं है।