पद्मश्री पुरस्कार विजेता और आदिवासी आइकन कमला पुजारी को कटक के एक अस्पताल में छुट्टी के दौरान डांस के लिए मजबूर करने का मामला तूल पकड़ रहा है। इस मामले में महिला सामाजिक कार्यकर्ता ममता बेहरा को उप-कलेक्टर के सामने पेश होने के लिए कहा गया था, लेकिन वे मंगलवार को उप-कलेक्टर के सामने अपना बयान दर्ज कराने नहीं पहुंची। इसके बजाय उन्होंने नोटिस के जवाब में लिखित जवाब दिया।
एक अधिकारी ने बताया कि मामले में आरोपी महिला सामाजिक कार्यकर्ता बेहरा और बीमार कमला पुजारी को नोटिस जारी करके उप-कलेक्टर के सामने पेश होने के लिए कहा गया था। मंगलवार को दोनों पक्षों को पेश होना था। पुजारी के परिचारक राजीव हियाल को भी इसी तरह का नोटिस दिया गया था। अधिकारी के सामने पेश हुए हिलाल ने कहा कि पूरे प्रकरण में उनकी कोई भूमिका नहीं है।
वायरल वीडियो में नचाती हुई नजर आई थी कमला पुजारी
यह घटना तब सामने आई जब एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पुजारी अस्पताल के आईसीयू में डांस करती नजर आईं। वायरल वीडियो में सामाजिक कार्यकर्ता ममता बेहरा भी उनके साथ डांस करती नजर आईं थीं।
इस मामले में ओडिशा के एक अन्य आदिवासी समूह ने कथित तौर पर बीमार कमला पुजारी को नचाने वाली महिला सामाजिक कार्यकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। जिसके बाद महिला सामाजिक कार्यकर्ता ममता बेहरा को उप-कलेक्टर के सामने पेश होने के लिए कहा गया था। उधर, महिला सामाजिक कार्यकर्ता बेहरा ने दावा किया था कि डांस कराने के पीछे उनका कोई बुरा इरादा नहीं था। वह पुजारी के आलस्य को दूर करना चाहती थीं।
बीमार होने पर कराया गया था भर्ती
पुजारी को बुखार और दस्त की शिकायत के बाद जयपुर में जिला मुख्यालय अस्पताल (डीएचएच) में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत बिगड़ने पर 24 अगस्त को कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीमारी से उबरने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। उधर, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी। उनके इलाज के लिए डॉक्टरों की एक विशेष टीम बनाई गई थी।
जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए मिला था पद्मश्री
पुजारी को 2019 में जैविक खेती को बढ़ावा देने और धान सहित विभिन्न फसलों के स्वदेशी बीजों की 100 से अधिक किस्मों को संरक्षित करने के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।