अधिवक्ताओं को जनहित याचिका दायर करने की अनुमति
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तीन वकीलों को छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में अलग-अलग जनहित याचिकाएं दायर करने की अनुमति दे दी। वकीलों ने अदालत की निगरानी में जांच और कॉलेजों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की मांग की है। न्यायमूर्ति सौमेन सेन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ से तीनों वकीलों ने अलग-अलग जनहित याचिकाएं दायर करने की अनुमति मांगी थी। एक वकील ने बताया कि इस मामले की सुनवाई इस सप्ताह के अंत में होने की संभावना है।
क्या है पूरा मामला?
24 वर्षीय पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे कॉलेज परिसर में दो सीनियर छात्र और एक पूर्व छात्र (एलुमनस) ने मिलकर गार्ड रूम में सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद पीड़िता की शिकायत के आधार पर पहले ही तीन मुख्य आरोपियों - मनोजित मिश्रा, प्रोमित मुखर्जी और जैद अहमद- को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब सुरक्षा गार्ड को भी गिरफ्तार कर लिया गया है, जो घटना के समय मौके पर मौजूद था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गार्ड की बातों में विरोधाभास था और कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज में उसकी मौजूदगी साफ देखी जा सकती है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वह घटना के समय ड्यूटी पर अकेला था या किसी और के साथ।