नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को अतिरिक्त राजस्व हासिल करने के लिए कई सिफारिशें की है।फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (एफबीआर) को आईएमएफ की सिफारिशें स्वीकार किए जाने पर वेतनभोगी और गैर वेतनभोगी वर्गों के लिए कर का बोझ दोगुना हो जाएगा।
नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को अतिरिक्त राजस्व हासिल करने के लिए कई सिफारिशें की है। शनिवार को आईएमएफ ने पाकिस्तान सरकार को कर बढ़ाने, कर स्लैब कम करने और पेंशनभोगियों को निजी नियोक्ताओं के योगदान पर कर छूट खत्म करने जैसे कई कदम उठाने की सिफारिश की है।
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अगर मानी गई सिफारिश तो पाकिस्तान को होगा लाभ- IMF
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अनुमान लगाया है कि अगर व्यक्तिगत आयकर पर सिफारिशों को पूरी तरह से लागू किया गया, तो इससे सकल घरेलू उत्पाद का 0.5 प्रतिशत अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है, जो वार्षिक आधार पर पाकिस्तानी 500 अरब रुपये के बराबर है।
सिफारिश में कर स्लैब कम करने की सिफारिश
रिपोर्ट में कहा गया है कि फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (एफबीआर) को आईएमएफ की सिफारिशें स्वीकार किए जाने पर वेतनभोगी और गैर वेतनभोगी वर्गों के लिए कर का बोझ दोगुना हो जाएगा। एफबीआर ने चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों (जुलाई-फरवरी) में अब तक वेतनभोगी वर्ग से 215 अरब पाकिस्तानी रुपये इकट्ठा किए हैं।
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आईएमएफ ने समीक्षा करने पर जोर दिया
आईएमएफ ने एफबीआर से विशिष्ट क्षेत्रों में कर्मचारियों के लिए तरजीही उपचार, शेयरों में निवेश के लिए कर क्रेडिट, बंधक भुगतान के लिए कटौती, पूर्णकालिक के लिए कर कटौती को खत्म करने के लिए आयकर अध्यादेश (आईटीओ) की दूसरी अनुसूची और अध्याय III की समीक्षा करने के लिए कहा है।
गौरतलब है कि इससे पहले आईएमएफ का समीक्षा मिशन फरवरी के पहले सप्ताह में नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान का दौरा करने वाला था, लेकिन प्रतिनिधिमंडल ने आम चुनाव की पूर्व संध्या पर दौरा करने से मना कर दिया था।