तत्काल पासपोर्ट बनवाने के लिए जल्द ही आधार नंबर देना अनिवार्य नहीं होगा। केंद्र सरकार इसके लिए पासपोर्ट नियमों में बदलाव करने जा रही है। विदेश मंत्रालय ने नियमों में संशोधन के लिए मसौदा तैयार कर लिया है। इसके लिए उसके द्वारा मांगी गई राय पर कानून मंत्रालय ने हरी झंडी प्रदान कर दी है।
जनवरी में सरकार ने तत्काल पासपोर्ट आवेदकों को बड़ी राहत देते हुए सत्यापन प्रमाणपत्र देने की अनिवार्यता खत्म कर दी थी। इसके स्थान पर आधार कार्ड के अलावा पहले से तय 12 दस्तावेज वोटर आईडी, पैनकार्ड, बैक-पोस्ट ऑफिस पासबुक, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, जन्म प्रमाणपत्र, कर्मचारी पहचान पत्र आदि में से दो दस्तावेज देना तय किया गया था।
जबकि आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं होने के लिए स्व लिखित शपथपत्र देना अनिवार्य था। यह दस्तावेज मुहैया कराने पर तीन दिनों के भीतर तत्काल पासपोर्ट जारी किया जाना तय किया गया था। लेकिन इसके बाद सुप्रीम कोर्ट का आधार पर फैसला आ गया जिसके मद्देनजर विदेश मंत्रालय ने आधार अनिवार्यता खत्म करने को लेकर नियम में बदलाव का निर्णय लिया।
कानून मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक विदेश मंत्रालय द्वारा मांगी गई राय पर सहमति जता दी गई है। उसमें कोई कानून अड़चन नहीं होना कानून मंत्रालय की ओर से स्पष्ट किया गया है। इससे संबंधित नोट विदेश मंत्रालय को भेज दिया गया है।
उम्मीद है कि जल्द उसके द्वारा नए नियमों को अधिसूचित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सत्यापन के लिए भविष्य में शेष अन्य दस्तावेजों को पर्याप्त माना जाएगा और आपराधिक पृष्ठभूमि के लिए स्व:लिखित शपथपत्र मान्य होगा। पासपोर्ट से जुड़ी जांच पुलिस शपथपत्र के आधार पर करेगी। माना जा रहा है कि तत्काल पासपोर्ट जारी करने के दिनों में बढ़ोत्तरी की जा सकती है। इसकी वजह अन्य दस्तावेजों के जरिए जल्द आवेदक के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिलना बताया जा रहा है।
गौरतलब है कि तत्काल पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन को सामान्य पासपोर्ट से 2000 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना होता है। अभी नागरिकों के लिए समान्य श्रेणी में 1500 रुपये और तत्काल पासपोर्ट की फीस 3500 रुपये देना होता है।