फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सर्दी में बढ़ी तपिश: फरवरी में गर्मी ने तोड़ा 125 साल का रिकॉर्ड, उच्चतम तापमान बढ़ा; मई तक अधिक रहेगा पारा

Sun, 02 Mar 2025 04:31 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने मासिक समीक्षा में बताया कि मार्च से मई तक भी ज्यादा गर्मी पड़ने के आसार हैं। चिंता की बात यह है कि सर्दी के महीने फरवरी में न्यूनतम तापमान में अच्छी खासी वृद्धि हुई है। फरवरी 2025 में न्यूनतम तापमान 15.02 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 125 साल के इतिहास में सर्वाधिक है।
 
विज्ञापन
गर्मी - फोटो : Freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फरवरी में गर्मी ने 125 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। देश में फरवरी 2025 का औसम तापमान 22.04 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 1.34 डिग्री अधिक है। इससे पहले 2016 में फरवरी में सामान्य से 1.29 डिग्री अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया था। 

विज्ञापन


भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने मासिक समीक्षा में बताया कि मार्च से मई तक भी ज्यादा गर्मी पड़ने के आसार हैं। चिंता की बात यह है कि सर्दी के महीने फरवरी में न्यूनतम तापमान में अच्छी खासी वृद्धि हुई है। फरवरी 2025 में न्यूनतम तापमान 15.02 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 125 साल के इतिहास में सर्वाधिक है। फरवरी का सामान्य न्यूनतम तापमान 13.82 डिग्री सेल्सियस रहता है। फरवरी में उच्चतम तापमान भी 125 साल में दूसरा सबसे ज्यादा 29.07 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले फरवरी, 2023 में इससे अधिक गर्मी पड़ी थी। उस समय उच्चतम तापमान 29.44 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।

बेदम रहे प. विक्षोभ
फरवरी माह में पश्चिमी विक्षोभ की संख्या अधिक होने के बावजूद बारिश कम हुई। फरवरी, 2025 में सामान्य से 50 फीसदी कम बारिश हुई, जबकि जनवरी में 67 फीसदी कम बारिश हुई। फरवरी 2025 में कुल 7 पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहे, जबकि सामान्यतः 5-6 पश्चिमी विभोग होते हैं। 

  • अधिकांश पश्चिमी विक्षोभ तेज गति से आगे बढ़े और उनमें पर्याप्त नमी नहीं थी जिस वजह से हल्की बारिश व बर्फबारी हुई। केवल 24 से 28 फरवरी के बीच का विक्षोभ प्रभावशाली रहा।

बुजुर्गों, बच्चों को खतरा 

विज्ञापन

मौसम विभाग ने हीटवेव को देखते हुए कहा है कि बुजुर्गों, बच्चों और पहले से ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों सहित कमजोर आबादी के लिए भारी खतरा हो सकता है। लू के कारण लोगों को हीटस्ट्रोक, निर्जलीकरण तथा बुनियादी ढांचे पर भी इसका दबाव पड़ता है। मौसम विभाग ने कहा है कि  समय पर हीट एडवाइजरी जारी करने में अधिकारी अहम भूमिका निभाते हैं। 

  • मौसम विभाग विस्तृत हीटवेव पूर्वानुमान, जोखिम आकलन और स्थान विशिष्ट अलर्ट सहित व्यापक शुरुआती चेतावनी प्रणाली प्रदान करता है। लोगों को गर्मी में पर्याप्त पानी पीने, तेज धूप से बचने की सलाह दी जाती है ताकि हीटवेव के  प्रभावों को कम किया जा सके।
संबंधित वीडियो
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें