दुनिया भर में डाटा चोरी के प्रति सरकारें भी सजग दिखाई दे रही हैं। दुनिया में करीब 80 देश ऐसे हैं जहां गोपनीयता कानून पहले से ही लागू है।
यूरोप (यूरोपीय संघ)
यूरोपीय संघ का जनरल डाटा प्रोटेक्शन रेग्युलेशन एक्ट (जीडीपीआर) 25 मई, 2018 को लागू किया गया था। इसके तहत ग्राहक या यूजर स्वयं अपने डाटा का मालिक होगा। बता दें यह कानून न सिर्फ 28 यूरोपीय संघ के सदस्य राज्यों की कंपनियों को प्रभावित करेगा बल्कि दुनिया की उन कंपनियों को भी प्रभावित करेगा जो यूरोपीय देशों के यूजर्स व ग्राहकों के डाटा को इकट्ठा कर प्रोसेस करते हैं।
डाटा चोरी के उल्लंघन पर सजा
इस कानून का उल्लंघन करने पर कंपनी पर सालाना टर्नओवर का 4 फीसदी हिस्सा या फिर 20 मिलियन यूरो (160 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही कोई भी व्यक्ति कंपनी के सर्वर से अपनी व्यक्तिगत जानकारी डिलीट करने की मांग कर सकता है। इसके अलावा यदि डाटा चोरी का कोई भी मामला सामने आता है तो कंपनी को 72 घंटों के भीचर उसके बारे अथॉरिटी को बताना होता है।
ऑस्ट्रेलिया में कानून
ऑस्ट्रेलिया में इसके लिए गोपनीयता कानून 1988 बना है। यह कानून व्यक्तिगत जानकारी को नियंत्रित करता है। प्राइवेसी यहां मौलिक अधिकार नहीं है।