अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी (HCU) के छात्रसंघ चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव, खेल सचिव और सांस्कृतिक सचिव सहित सभी प्रमुख पदों पर कब्जा जमा लिया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शानदार जीत हासिल की थी। डीयू के बाद एबीवीपी ने हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में अपना परचम लहरा दिया है। हाल में हुए चुनावों में एबीवीपी ने छात्रसंघ के सभी पदों पर जीत हासिल की है। नेपाल और बांग्लादेश जैसी जेन-जी क्रांति भारत में देखने का मंसूबा पाले विपक्ष के लिए दिल्ली के बाद हैदराबाद से भी मायूस करने वाली खबर सामने आई है।
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी (एचसीयू) के छात्रसंघ चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव, खेल सचिव और सांस्कृतिक सचिव सहित सभी प्रमुख पदों पर कब्जा जमा लिया है। हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी ने सभी सीटों पर जीत हासिल कर एक बार फिर अपनी संगठनात्मक ताकत और छात्रों के बीच लोकप्रियता का परिचय दिया। एबीवीपी के स्थानीय नेताओं ने कहा कि यह जीत छात्रों के विश्वास को दर्शाती है। हम शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। संगठन की इस लगातार जीत ने विपक्षी छात्र संगठनों के लिए चुनौती खड़ी कर दी है।
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इस जीत के साथ एबीवीपी ने पिछले एक साल में देश के कई प्रमुख विश्वविद्यालयों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। इनमें पटना विश्वविद्यालय, पंजाब विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), दिल्ली विश्वविद्यालय, गुवाहाटी विश्वविद्यालय और उत्तराखंड के कई विश्वविद्यालय शामिल हैं।
पिछले एक साल में अभाविप ने विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपनी जीत के जरिए यह साबित किया है कि वह छात्रों के बीच गहरी पैठ रखता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एबीवीपी की यह जीत संगठन की सक्रियता, छात्र-केंद्रित नीतियों और प्रभावी रणनीति का परिणाम है।