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DUSU Election: ABVP राष्ट्रवाद तो NSUI को बदलाव की बयार पर भरोसा, नामों का एलान

Thu, 05 Sep 2019 06:31 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला
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डूसू चुनाव - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव (DUSU Election) के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और एनएसयूआई (NSUI) ने अपने पैनल की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही अगले एक हफ्ते तक दिल्ली विश्वविद्यालय में चुनावों के माहौल का आगाज हो चुका है। एबीवीपी छात्रों के बीच अपने काम, राष्ट्रवादी विचारधारा और केंद्र सरकार के कामों की उपलब्धियों का बखान कर छात्रों को अपने साथ जोड़ने में लगी है, तो एनएसयूआई यूनिवर्सिटी में बदलाव की बात कर रही है। उसे उम्मीद है कि देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितिय़ों में युवा छात्र उसे ही चुनेंगे.  

एबीवीपी ने दिखाया जीत का दम

भाजपा की विचारधारा से जुड़े छात्र संगठन एबीवीपी ने अध्यक्ष पद के लिए बाक्सिंग के खिलाड़ी अक्षित दहिया को उतारा है। वे दिल्ली के जाट समुदाय से हैं और कानून के छात्र हैं। उपाध्यक्ष पद के लिए देशबंधु कालेज के मए हिंदी के छात्र प्रदीप तंवर अपनी किस्मत आजमाएंगे। एबीवीपी ने सेक्रेटरी पद के लिए योगित राठी को मैदान में उतारा है जो बागपत के जाट समुदाय से हैं। ज्वाइंट सेक्रेटरी पद के लिए शिवांगी भी बुद्धिस्ट स्टडीज की छात्रा हैं, जो दिल्ली के राजपूत परिवार से हैं।

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अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अक्षित दहिया ने अमर उजाला से कहा कि वे छात्रों के हितों के साथ-साथ आगे किये जाने वाले कामों के बारे में बताएंगे और जिसके दम पर वोटरों का भरोसा जीतेंगे। दहिया ने कहा कि राष्ट्रवाद आज के छात्रों की सोच में है और वे इसे आगे देश के विकास से जोड़ना चाहते हैं।

ये हैं एनएसयूआई पद के उम्मीदवार

एनएसयूआई ने अध्यक्ष पद के लिए शहीद भगत सिंह की तैराकी की खिलाड़ी और छात्रा चेतना त्यागी (19) को मौका दिया है। बीए प्रोग्राम तृतीय वर्ष की स्टूडेंट चेतना मूल रुप से दिल्ली से हैं। एनएसयूआई ने 2011 के बाद पहली बार किसी महिला उम्मीदवार को उतारा है। उपाध्यक्ष पद के लिए बुद्धिस्ट स्टडीज के छात्र अंकित भारती को मौका दिया है। वे अनुसूचित समाज से आते हैं। सेक्रेटरी पद के लिए उम्मीदवार आशीष लांबा इंटरनेशनल हाकी खिलाड़ी हैं। राजस्थान के चूरु से आने वाले आशीष किसान परिवार से हैं। वहीं ज्वाइंट सेक्रेटरी पद के लिए अभिषेक चपराना गुर्जर समुदाय से हैं। वे बुद्धिस्ट स्टडीज के छात्र हैं और हरियाणा के फरीदाबाद से आते हैं।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन ने कहा कि विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्रों के व्यक्तिगत हित उनके लिए ज्यादा महत्वपूर्ण हैं और चाहते हैं कि छात्रों का पढ़ाई का बोझ कम हो और वे अपनी गैर-शैक्षिक प्रतिभाओं को भी उभार सकें। जीत के बाद एनएसयूआई इन्हीं मुद्दों पर काम करेगी।  

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पिछले चुनाव में एबीवीपी ने अध्यक्ष पद समेत तीन पदों पर जीत हासिल की थी। वहीं, एनएसयूआई इस बार जीत के लिए अपना पूरा जोर लगा रही है। केंद्रीय संगठन के शीर्ष पदाधिकारी मुकुल वासनिक ने एनएसयूआई, आई वाई सी और दिल्ली प्रदेश के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रणनीति बनाई है। संगठन का दावा है कि वह इस चुनाव में जीत दर्ज करेगा।

देश के अन्य छात्रसंघ चुनावों से अलग डूसू चुनाव कांग्रेस और भाजपा, दोनों के लिए प्रतिष्ठा का विषय होते हैं। डूसू में जीत की आवाज पूरे देश में सुनी जाती है। यही कारण है कि यह चुनाव केवल छात्रों के बीच चुनाव से कहीं अधिक हो जाता है और दोनों ही दल इसमें अपनी जीत तय करने के लिए बड़े चुनावों जैसी रणनीति बनाते हैं।

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