भाजपा के ‘बदजुबान’ नेता उसके लिए लगातार मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। पहले नुपुर शर्मा और नवीन जिंदल के बयानों के कारण पार्टी को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा था, अब उसके हैदराबाद के बड़बोले नेता टी. राजा की एक अभद्र टिप्पणी उसके गले की फांस बन गई है। टी. राजा की आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद हैदराबाद में भाजपा के खिलाफ धरना-प्रदर्शनों का सिलसिला तेज हो गया है। भाजपा के लिए इस परिस्थिति का बचाव करना मुश्किल हो गया है।
जिस समय प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पार्टी ‘सबका साथ, सबका विश्वास’ जीतने की कोशिश कर रही है, पार्टी के कुछ नेता धर्म विशेष पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर पार्टी के अभियान को पटरी से उतारने का काम कर रहे हैं। पार्टी ऐसे नेताओं से सख्ती से निपटना चाहती है और यही संदेश देने के लिए टी. राजा को तुरंत प्रभाव से पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। इसके पहले पैगंबर मोहम्मद साहब पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में नुपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित किया गया था, तो नवीन जिंदल को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था।
भाजपा के लिए बड़ी मुश्किल की स्थिति यह है कि वह जिस मुस्लिमों की बड़ी आबादी वाले राज्य तेलंगाना में अपने लिए नई संभावनाओं की तलाश कर रही थी, उसी राज्य में टी. राजा ने अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ अभद्र टिप्पणी कर लोगों को उसके खिलाफ लामबंद होने के लिए जमीन तैयार कर दी है। इससे भाजपा की चुनावी तैयारियों को गहरा झटका लगा है।
केवल टी. राजा ही नहीं, भाजपा के एक अन्य नेता और केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने भी पार्टी को एक बार फिर मुश्किल में डाल दिया है। उन्होंने अपने एक बयान में किसान नेता राकेश टिकैत पर अभद्र टिप्पणी कर दी है, जिस पर किसान संगठनों ने गहरी नाराजगी जताई है। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के नेता धर्मेंद्र मलिक ने मांग की है कि अजय मिश्रा को तुरंत केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाया जाए।
किसानों के प्रदर्शन के दौरान लखीमपुर खीरी में हुए कांड के पीछे भी अजय मिश्रा टेनी के बयान को जिम्मेदार बताया गया था। इस कांड में पांच किसानों की मौत हो गई थी। इस मामले में टेनी के पुत्र पर अभी भी कार्रवाई चल रही है, लेकिन किसान नेता अभी भी टेनी को मंत्रिमंडल से हटाए जाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच टेनी ने एक बार फिर आपत्तिजनक बयान देकर पार्टी को असहज कर दिया है।
नुपुर शर्मा प्रकरण के बाद भाजपा ने अपने बड़बोले नेताओं पर सख्ती बरती थी। पार्टी के प्रवक्ताओं-नेताओं को सख्त सूचना जारी कर उन्हें किसी धर्म-समुदाय, जाति या क्षेत्र पर अभद्र टिप्पणी करने से बचने के लिए कहा गया था। पार्टी ने सोशल मीडिया या सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी आपत्तिजनक टिप्पणी से बचने के सख्त निर्देश दिए थे। इसका कुछ समय तक असर दिखाई पड़ा था, लेकिन टी. राजा और अजय मिश्रा टेनी की टिप्पणियों ने पार्टी को एक बार फिर सख्त रुख अपनाने के लिए मजबूर कर दिया है।