तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा है कि भाजपा वंशवाद की राजनीति समाप्त करने के लिए विधेयक लेकर आए, मैं सबसे पहले उसका समर्थन करूंगा। लोकसभा सांसद और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे गुरुवार को कहा कि भाजपा को वंशवाद की राजनीति को खत्म करने के लिए एक विधेयक लाने दीजिए, मैं इसके लिए वोट करने वाला पहला व्यक्ति होऊंगा।
इससे पहले पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल से छुट्टी मिल गई। पिछले सप्ताह सिलीगुड़ी के पास एक हेलीकॉप्टर की आपातकालीन लैंडिंग के बाद उससे उतरते समय चोट लगने के बाद सीएम को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
यूसीसी का समर्थन नहीं करेगी TMC
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर तेज बहस के बीच अभिषेक बनर्जी ने कहा कि टीएमसी ऐसी किसी भी चीज का समर्थन नहीं करेगी, जो लोकतंत्र के सार और संविधान की भावना को नुकसान पहुंचाएगी। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि भारत विविधता में एकता के लिए जाना जाता है, न कि एकरूपता के लिए।
भारत अपनी एकता के लिए जाना जाता है: बनर्जी
उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता को लेकर हमारे पास कोई ठोस जानकारी नहीं है कि एक समान होने की क्या आवश्यकता है। कुछ साल पहले विधि आयोग ने भी कहा था कि यह आवश्यक नहीं है। इसके अलावा भारत की ताकत इसकी विविधता है। प्रधानमंत्री भी वसुधैव कुटुंबकम की बात करते हैं, जिसका अर्थ है कि दुनिया एक परिवार है। भारत अपनी एकता के लिए जाना जाता है, एकरूपता के लिए नहीं।
अभिषेक ने केंद्र से पूछा सवाल
टीएमसी सांसद ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत विविधता में एकता और विभिन्न संस्कृतियों के लिए जाना जाता है। हर राज्य में अलग-अलग संस्कृतियां, खान-पान और भाषाएं हैं। सबसे पहले केंद्र को स्पष्ट करने की जरूरत है कि आप हमारी विभिन्न संस्कृतियों, भोजन और ड्रेसिंग सेंस को एक समान कैसे बना सकते हैं?
यूसीसी नया मुद्दा नहीं, हिंदू राष्ट्र से जुड़ा: अमर्त्य सेन
नोबल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने समान नागरिक संहिता लाने के केंद्र सरकार के प्रयासों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह विचार नया नहीं है और हिंदू राष्ट्र की अवधारणा से जुड़ा है। विश्व भारतीय विश्वविद्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए सेन ने कहा कि इस यूसीसी में फर्क है। यह निश्चित रूप से हिंदू राष्ट्र की अवधारणा को आगे बढ़ाने से जुड़ा है। हम हजारों वर्ष से बिना यूसीसी के जी रहे हैं।