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बंगाल में सीआईडी की कार्रवाई: अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय गिरफ्तार, टीएमसी सांसद के घर से उठा ले गई एजेंसी

Thu, 10 Sep 2026 03:03 PM IST
प्रशांत तिवारी एएनआई, कोलकाता

सार

सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें शुक्रवार को मेदिनीपुर अदालत में पेश किए जाने की संभावना है, जहां जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई के लिए उनकी हिरासत की मांग कर सकती है।
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सुमित रॉय - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के पर्सनल सेक्रेटरी सुमित रॉय को सालबोनी जमीन मामले में सीआईडी ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के तुरंत बाद जांच एजेंसी ने कार्रवाई की। खास बात यह है कि सुमित रॉय की गिरफ्तारी उनके अपने आवास से नहीं, बल्कि अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित घर से हुई है।

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मेदिनीपुर अदालत में पेश हो सकते हैं सुमित
सालबोनी जमीन घोटाले से जुड़े इस मामले में सुमित रॉय की गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट के बुधवार को हुई सुनवाई के बाद हुई है। इससे पहले शीर्ष अदालत ने उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी और जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। हालांकि, बुधवार की सुनवाई के बाद उनकी अग्रिम जमानत की राह बंद हो गई और गुरुवार को सीआईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
सुमित रॉय ने कलकत्ता हाईकोर्ट के 3 अगस्त के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिलने के बाद अब उन्हें शुक्रवार सुबह मेदिनीपुर अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
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बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
सालबोनी जमीन मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुमित रॉय की अग्रिम जमानत याचिका पर अहम सुनवाई हुई। पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जांच से जुड़े वित्तीय लेनदेन का मुद्दा अदालत के सामने रखा। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान सुमित रॉय के बैंक खाते में बड़ी मात्रा में नकद रकम जमा होने की जानकारी सामने आई है। तुषार मेहता ने अदालत में खास तौर पर करीब 71 लाख रुपये की नकद जमा का जिक्र किया। उनका दावा था कि यह रकम जांच में सामने आए वित्तीय लेनदेन का केवल एक हिस्सा हो सकती है। राज्य की ओर से कहा गया कि जांच में कुल जमा रकम करीब 15 करोड़ रुपये तक पहुंचती है और इसमें बड़ी संख्या में लेनदेन शामिल हैं।

सुमित के वकील ने कोर्ट में क्या कहा?
सुनवाई के दौरान सुमित रॉय की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायण ने अग्रिम जमानत के पक्ष में दलीलें दीं। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। हालांकि, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्पष्ट किया कि दाखिल की गई चार्जशीट दूसरे आरोपी के खिलाफ है और सुमित रॉय से संबंधित जांच अभी जारी है। रॉय के वकील ने यह भी दलील दी कि उनके मुवक्किल से पहले ही विस्तृत पूछताछ की जा चुकी है और पूरी पूछताछ की वीडियो रिकॉर्डिंग भी हुई है। उनका कहना था कि सुमित रॉय ने जांचकर्ताओं के सभी सवालों के जवाब दिए हैं और जांच में सहयोग किया है। वकील ने यह आरोप भी लगाया कि पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं का फोकस कथित अपराध से जुड़े सवालों के बजाय सुमित रॉय के परिवार, तृणमूल कांग्रेस के कामकाज, भर्ती प्रक्रिया और पार्टी की फंडिंग से जुड़े मुद्दों पर अधिक रहा।

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क्या है सालबोनी जमीन मामला?
यह मामला पश्चिम बंगाल के सालबोनी में कथित जमीन हड़पने और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच से जुड़ा है। सीआईडी इस मामले में जमीन सौदों और उनसे जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। जांच के दौरान सुमित रॉय के बैंक खातों में हुई कथित नकद जमा और अन्य लेनदेन भी जांच एजेंसी के रडार पर आए हैं। सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से पेश की गई दलीलों के मुताबिक, जांच में सामने आए लेनदेन की रकम काफी बड़ी है। वहीं, सुमित रॉय की ओर से उनके वकील ने गिरफ्तारी की जरूरत पर सवाल उठाते हुए उनके जांच में सहयोग करने और पहले ही पूछताछ किए जाने की बात कही।

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