टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को भारत-बांग्लादेश सीमा पर भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार की टिप्पणी की आलोचना की और आरोप लगाया कि भगवा पार्टी का 'पाखंड' नई गहराई तक पहुंच गया है।
BJP सांसद ने क्या कहा था?
नादिया जिले के राणाघाट से भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार का एक वीडियो सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर सामने आया है। इस वीडियो में वह कथित तौर पर कहते दिख रहे हैं कि 'अगर अगले साल विधानसभा चुनाव में भाजपा जीतती है, तो भारत-बांग्लादेश सीमा पर कांटेदार तार की बाड़ नहीं रहेगी।' उन्होंने यह भी दावा किया कि 'अगर तृणमूल कांग्रेस जीतती है, तो बांग्लादेश से घुसपैठ जारी रहेगी।' हालांकि, इस वीडियो की पुष्टि नहीं हो सकी है।
यह भी पढ़ें -
बच्चे को लेकर भागी रूसी महिला: याचिका पर बोला कोर्ट- भारत-रूस संबंधों को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते; जानें विवाद
टीएमसी का भाजपा सांसद का पलटवार
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि भाजपा सांसद का यह बयान देश की अखंडता पर सवाल उठाता है। उन्होंने कहा, 'भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार कहते हैं कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई, तो भारत-बांग्लादेश एक हो जाएंगे! यह देशभक्ति नहीं, धोखा है।' उन्होंने आगे कहा कि भाजपा नेता अमित शाह और केंद्र सरकार बार-बार पश्चिम बंगाल सरकार पर सीमा सुरक्षा में बाधा डालने का आरोप लगाते हैं, जबकि उनके ही सांसद सीमाएं खत्म करने की बात कर रहे हैं।
जगन्नाथ सरकार को निलंबित करने की मांग
अभिषेक बनर्जी ने भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से मांग की कि अगर पार्टी सच में देश की एकता में विश्वास रखती है, तो जगन्नाथ सरकार को तुरंत निलंबित किया जाए। उन्होंने कहा, 'अगर भाजपा चुप रहती है, तो साफ हो जाएगा कि उन्होंने यह बात पार्टी नेतृत्व की सहमति से कही है।' बता दें कि, टीएमसी प्रमुख और सीएम ममता बनर्जी 4 नवंबर को एसआईआर के खिलाफ कोलकाता में मेगा मार्च का नेतृत्व करेंगी।
टीएमसी के हमले पर भाजपा का जवाब
वहीं इस पर भाजपा के पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्य सचेतक शंकर घोष ने जवाब दिया कि भाजपा को राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, 'अभिषेक बनर्जी पहले खुद आईना देखें कि उनकी पार्टी की नीतियां देश की एकता को मजबूत करती हैं या नहीं।' शंकर घोष ने बताया कि पार्टी नेतृत्व वीडियो की जांच करेगा और फिर इस पर उचित प्रतिक्रिया देगा।
विवाद पर जगन्नाथ सरकार ने दी सफाई
इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद जगन्नाथ सरकार ने कहा कि अभिषेक बनर्जी ने या तो उनके बयान का मतलब समझा नहीं, या जानबूझकर तोड़-मरोड़ कर पेश किया। उन्होंने कहा, 'मैंने यह कहा था कि एक मजबूत और समृद्ध बंगाल बने, जहां घुसपैठ अतीत की बात हो। लेकिन टीएमसी नेता ने इसे गलत तरीके से पेश किया।'
यह भी पढ़ें -
Andhra Temple Stampede: एकादशी पर भीड़ में दबकर गिरे, भक्तों ने खुद दिया CPR; सामने आए डराने वाले दृश्य
टीएमसी सांसद ने दी अनिश्चितकालीन अनशन की धमकी
वहीं तृणमूल कांग्रेस की सांसद ममताबाला ठाकुर ने शनिवार को धमकी दी कि अगर चुनाव आयोग की तरफ से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में मतुआ समुदाय के किसी भी सदस्य का नाम शामिल किया गया तो वे पांच नवंबर से अनिश्चितकालीन अनशन करेंगी। बता दें कि मतुआ समुदाय (अनुसूचित जाति) के लोग आजादी के बाद पूर्वी पाकिस्तान से आकर पिछले कई दशकों में पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में बस गए थे। ममताबाला ठाकुर ने अपने बयान में कहा कि वह उत्तर 24 परगना जिले के ठाकुरनगर स्थित संघ मुख्यालय में मतुआ समुदाय की दिग्गज नेता बीनापाणि देवी के आवास के सामने अनशन पर बैठेंगी।