हिंदी फिल्म दबंग का एक डायलॉग बहुत मशहूर हुआ था कि थप्पड़ से डर नहीं लगता साहब, प्यार से लगता है। उसी की तर्ज पर गुजरात बम धमाकों के आरोपी और आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन के को-फाउंडर अब्दुल सुभान कुरैशी ने एक जुमला कहा है। स्पेशल सेल की पूछताछ में उसने कहा कि मरने से डर नहीं लगता साहब। भारत की अदालतों में चलने वाले ट्रायल से लगता है। उसे डर है कि कहीं लंबे समय तक चलने वाले ट्रायल उसकी कट्टरपंथी विचारधारा का असर कम ना कर दें।
सेल के सूत्रों ने बताया कि आतंकी कट्टरपंथी विचारधारा को मानता है। सुभान को डर है कि लंबे ट्रायल का असर उसकी विचारधारा के प्रभाव को कम कर देगी। गिरफ्तारी के बाद उसने पहली बार जांच में सहयोग करना शुरू किया है। इससे पहले वह जांच एजेंसियों को सहयोग नहीं कर रहा था। उससे यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, चेन्नई और महाराष्ट्र पुलिस पूछताछ करना चाहती है। इसलिए इन राज्यों की पुलिस टीम दिल्ली पहुंच गई है।
अभी गुजरात पुलिस का आना बाकी है। बता दें कि साल 2008 में गुजरात में बम धमाके हुए थे। जिसमें तौकीर का हाथ था। गुजरात में हुए दंगो का बदला लेने के लिए आंतकी ने बम धमाके किए थे। सूत्रों के अनुसार साल 2014 में बेंगलुरु के चर्च स्ट्रीट धमाके में भी उसका हाथ होने की आशंका है। इन धमाकों में जिस अफरीदी का हाथ था उसके साथ अब्दुल सुभान तीन कैंप में साथ रह चुका है।