फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Iran: भारत की कूटनीति की तारीफ, ट्रंप की भाषा पर खड़े किए सवाल; ईरान के प्रतिनिधि डॉ. इलाही ने और क्या कहा?

Mon, 06 Apr 2026 08:28 AM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को पहले 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद अब उन्होंने ईरान पर हमलों का दिन और समय भी बता दिया है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में इशारा किया कि मंगलवार को आठ बजे ईरान पर अमेरिका भीषण हमला कर सकता है। ईरान द्वारा होर्मुज न खोले जाने से ट्रंप का गुस्सा उनके शब्दों में साफ झलक रहा है।
विज्ञापन
भारत में ईरानी सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ईरान के सर्वोच्च नेता के भारत में प्रतिनिधि, डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने शांति की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया में शांति स्थापित होनी चाहिए। उन्होंने भारतीय कूटनीति की सराहना करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर भारत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विज्ञापन


डॉ. इलाही ने अमेरिका-इस्राइल द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़े गए युद्ध को एक बड़ी गलती करार दिया। उन्होंने कहा, "शुरू से ही यह एक बहुत बड़ी गलती थी। यह केवल ईरान के खिलाफ युद्ध नहीं था, बल्कि यह युद्ध सभी मनुष्यों के खिलाफ था, यह पूरी दुनिया के खिलाफ था। आप देखेंगे कि इस युद्ध का नतीजा यह है कि इस समय कई देशों में बहुत से लोग पीड़ित हैं।"

ये भी पढ़ें: ईरान पर हमले का समय तय: ट्रंप बोले- मंगलवार रात 8 बजे तक; होर्मुज को लेकर अमेरिकी धमकी से बढ़ा वैश्विक तनाव
विज्ञापन


ट्रंप की भाषा पर उठाए सवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि ने कहा, "हर इंसान जो भाषा इस्तेमाल करता है, वह उसके व्यक्तित्व, मानवता और नैतिकता की अभिव्यक्ति होती है। इसलिए, जो व्यक्ति अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है। उसका मतलब है कि यह उनका व्यक्तित्व है। यहां तक कि कई अमेरिकी सांसदों ने भी ऐसी भाषा के इस्तेमाल से इनकार किया है।"
 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिया था क्या बयान?
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'मंगलवार रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम)!' इस पोस्ट से पहले उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने रास्ता नहीं खोला, तो अमेरिका उसकी ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तबाह कर सकता है। उन्होंने यहां तक कहा कि 'अगर होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला गया, तो ईरान में पावर प्लांट और पुल सब कुछ निशाने पर होगा।
विज्ञापन

 

ये भी पढ़ें: नेतन्याहू ने ट्रंप को क्यों किया कॉल?: अमेरिकी पायलट के बचाव अभियान को बताया साहसिक फैसला, जानें और क्या कहा

युद्ध रोकने में वैश्विक एकजुटता की आवश्यकता
डॉ. इलाही ने आगे कहा कि सभी देश इस युद्ध को रोकने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा, "अब ईरान युद्ध का असर बहुत से लोगों पर पड़ रहा है। तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और माल ढुलाई की लागत में भी वृद्धि हुई है। इसलिए, मेरा मानना है कि यह बहुत आवश्यक और महत्वपूर्ण है कि एक निश्चित समय तय किया जाए जिसमें वैश्विक नेता एक साथ आएं और राष्ट्रपति ट्रंप से इस युद्ध को रोकने का आग्रह करें।"

अन्य वीडियो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें