ईरान संकट का भारतीय अर्थव्यवस्था से लेकर आम आदमी तक पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए उद्योग निकाय भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने रविवार को एक 20 सूत्रीय एजेंडा पेश किया। इसमें आरबीआई की ओर से सूक्ष्म, लघु एवं मझौले उद्यमों (एमएसएमई) और अन्य प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक विशेष पुनर्वित्त (री-फाइनेंस) खिड़की स्थापित करना भी शामिल है। इससे बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को उत्पादक क्षेत्रों को उचित लागत पर कर्ज देना जारी रखने में मदद मिलेगी।
उद्योग निकाय ने सुझाव दिया कि वित्त मंत्रालय कोविड महामारी के दौरान लागू की गई योजना की तर्ज पर एक समयबद्ध संघर्ष से जुड़ी आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना (सीएल-ईसीएलजीएस) शुरू कर सकता है। इसकी मदद से एमएसएमई, निर्यातकों और गैस पर निर्भर क्षेत्रों को सरकारी गारंटी के जरिये कार्यशील पूंजी दी जा सकेगी।
सीआईआई के एजेंडे में क्या-क्या?
साथ ही, एमएसएमई के लिए तीन महीने तक ऋण स्थगन जैसे उपाय भी किए जा सकते हैं। सीआईआई ने अपने एजेंडे में कहा, बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के दौरान प्राथमिक बाजारों में विदेशी पूंजी प्रवाह बनाए रखने के लिए वित्त मंत्रालय विदेशी निवेशकों को दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर (एलटीसीजी) से अस्थायी छूट दे सकता है। इसके लिए पात्र होल्डिंग अवधि को दो से बढ़ाकर तीन साल किया जा सकता है।
यह नपातुला प्रोत्साहन स्थिरता का संकेत देगा और धैर्यवान पूंजी को प्रोत्साहित करेगा। साथ ही, किसी भी तरह की उथल-पुथल के कारण पैदा होने वाली सुरक्षित ठिकाने की ओर भागने की भावना को कम करने में भी मदद करेगा। भारतीय उद्योग परिसंघ ने कहा, प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (पीएसएल) मानदंडों पर पुनर्विचार किया जा सकता है, ताकि बैंक बाहरी व्यवधानों के दौरान क्षेत्र विशिष्ट तनाव के प्रति अधिक लचीले ढंग से प्रतिक्रिया दे सकें। अन्य सुझावों में बिजली शुल्कों में अस्थायी राहत, नकद ऋण सीमा में 20 फीसदी तक की वृद्धि और लोन प्रोसेसिंग शुल्क में छूट शामिल है। सीआईआई ने लंबित जीएसटी रिफंड और शुल्क वापसी दावों को तेजी से निपटाने का भी आग्रह किया।
सभी भारतीय नाविक सुरक्षित
अभी 17 भारतीय जहाज और 460 नाविक पश्चिमी फारस की खाड़ी में मौजूद हैं। इनमें सवार सभी नाविक सुरक्षित हैं। 1,479 से अधिक नाविक सुरक्षित वापस लाए गए हैं। 345 भारतीय मछुआरे ईरान से सुरक्षित लौट कर शनिवार को चेन्नई पहुंच गए। उड़ान सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं। 28 फरवरी से अब तक 7,02,000 से अधिक यात्री भारत लौट चुके हैं।