देश में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लॉन्च किए गए मोबाइल एप आरोग्य सेतु पर विपक्ष के सवालों और आरोपों को केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने निराधार बताया है। केंद्रीय आईटी मंत्री प्रसाद ने कहा कि यह एप डाटा और निजता की सुरक्षा के मामले में बहुत मजबूत है। प्रसाद ने कहा, 'यह भारत का तकनीकी अविष्कार है और कोविड-19 से लड़ने में कारगर है।'
बता दें कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी कुछ दिन पहले आरोप लगाया कि ‘आरोग्य सेतु’ एप एक अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली है जिससे निजता और डाटा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो रही है। राहुल ने ट्वीट में कहा था कि आरोग्य सेतु एक अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली है जिसे एक निजी ऑपरेटर को आउटसोर्स किया गया है और इसमें कोई संस्थागत जांच-परख नहीं है।
उन्होंने कहा था कि इससे डाटा सुरक्षा और निजता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो रही हैं। प्रौद्योगिकी हमें सुरक्षित रहने में मदद कर सकती है लेकिन नागरिकों की सहमति के बिना उन पर नजर रखने का डर नहीं होना चाहिए।
मंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति के संक्रमित होने की स्थिति में यह एप उसके संपर्क में आए लोगों को ढूंढने में भी मदद करता है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'यह एक बेहतरीन अविष्कार है और कई अन्य देश कोरोना से लड़ने के लिए अब इसी तरीके के एप का इस्तेमाल कर रहे हैं। सामान्यत: किसी सुरक्षित व्यक्ति का डाटा 30 दिन में मिट जाता है और संक्रमित होने की स्थिति में डाटा 45 से 60 दिन बाद मिटता है।'
प्रसाद ने कहा कि इसके साथ ही आपके पास एप को अनइंस्टॉल या डिलीट करने की सुविधा व्यक्ति के पास हमेशा होती है। उन्होंने कहा, 'फिर यह हंगामा किस बात पर हो रहा है। देश ने इसकी उपयोगिता को समझा है और इसे स्वीकार किया है।' आरोग्य सेतु एप केवल स्मार्टफोन के लिए है। प्रसाद ने बताया कि फीचर फोन के लिए आरोग्य सेतु आईवीआरएस सेवा तैयार की गई है।