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AAP: क्या खत्म हो जाएगी केजरीवाल की राजनीति? पार्टी को बचाने की ये रणनीति अपना रही 'आप'

अमित शर्मा
Updated Mon, 11 Dec 2023 01:02 PM IST

सार

केजरीवाल की चिंता है कि यदि उन्हें गिरफ्तार किया जाता है, तो आम आदमी पार्टी कैसे चलेगी? ऐसी स्थिति में दिल्ली सरकार को कैसे संचालित किया जाए, जिससे आम आदमी पार्टी और स्वयं उनकी छवि खराब न हो। आगामी चुनावों में पार्टी की पूरी संभावना अरविंद केजरीवाल की विश्वसनीयता पर टिकी हुई है...
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AAP: Arvind Kejriwal - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

पिछले लोकसभा चुनाव में जिस तरह मुस्लिमों ने कांग्रेस को एकजुट होकर साथ दिया और कांग्रेस हर लोकसभा सीट पर दूसरे स्थान पर रही और आम आदमी पार्टी को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। यह बात मानी जा सकती है कि यदि अरविंद केजरीवाल थोड़ा भी कमजोर हुए, तो यह पूरा गैर भाजपाई वोट बैंक खिसककर कांग्रेस के पास वापस जा सकता है। केजरीवाल की सबसे बड़ी चिंता यही है। क्योंकि वे भी जानते हैं कि एक बार इस वोट बैंक के कांग्रेस के पास वापस जाने के बाद उसे वापस लाना बेहद कठिन होगा।

अपने कार्यकर्ताओं को भ्रष्टाचार की ट्रेनिंग दे रहे केजरीवाल- भाजपा

दिल्ली भाजपा के उपाध्यक्ष विष्णु मित्तल ने अमर उजाला से कहा कि केजरीवाल की पूरी राजनीति ईमानदारी और अलग राजनीतिक के दावे पर टिकी हुई थी। लेकिन शराब घोटाले में आरोपी पाए जाने के बाद आम आदमी पार्टी की ईमानदार वाली छवि खत्म हो गई है। जनता ने देख लिया है कि किस तरह गली-गली में शराब की दुकानें खोलकर बच्चों तक के पास शराब पहुंचाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल अपने कार्यकर्ताओं को संजय सिंह और मनीष सिसोदिया से सीख लेने की बात कह रहे हैं, जो स्वयं भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में बंद हैं। इससे साबित होता है कि अरविंद केजरीवाल अपने कार्यकर्ताओं को भ्रष्टाचार करने की ट्रेनिंग दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के अलावा आम आदमी पार्टी में कोई दूसरा नेता नहीं है। जनता ने भी उनकी असलियत देख ली है।  उनके जेल जाने के बाद पार्टी को बड़े चेहरे की कमी खलेगी और उसे चुनावी अभियान को आगे बढ़ाने में मुश्किल आएगी। उन्होंने कहा कि यह चुनाव अरविंद केजरीवाल की सियासत का अंतिम चुनाव होगा क्योंकि जनता इसके बाद अब उन्हें चुनाव लड़ने के काबिल नहीं छोड़ेगी। 

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