संजय सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में अदाणी पर घोटाला करने के लगाए गए आरोपों के साक्ष्य पेश करने का दावा किया। उन्होंने कहा कि रिजेक्ट कोयले का एक टुकड़ा भी कोई निजी कंपनी बेच नहीं सकती, लेकिन अदाणी को 25 फीसदी कोयला बेचने और निजी प्लांट में इस्तेमाल करने की छूट दी गई।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री से मिली खुली छूट के कारण अदाणी ने महालूट की। उन्होंने नियमों के खिलाफ कोल ब्लॉक आवंटित कर एक लाख करोड़ रुपये का घोटाला किया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि राज्य सरकारों के कोल ब्लॉक में निजी कंपनी काम नहीं कर सकती, लेकिन वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री ने अदाणी को फायदा पहुंचाने के लिए 26 फीसदी हिस्सेदारी का नियम बना दिया।
विज्ञापन
संजय सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में अदाणी पर घोटाला करने के लगाए गए आरोपों के साक्ष्य पेश करने का दावा किया। उन्होंने कहा कि रिजेक्ट कोयले का एक टुकड़ा भी कोई निजी कंपनी बेच नहीं सकती, लेकिन अदाणी को 25 फीसदी कोयला बेचने और निजी प्लांट में इस्तेमाल करने की छूट दी गई। कोल इंडिया के मुताबिक 2200 किलो कैलोरी का कोयला पावर प्लांट में उपयोग लायक होता है, लेकिन अदाणी के समझौते में लिखा गया कि चार हजार किलो कैलोरी के नीचे का कोयला रिजेक्ट माना जाएगा। राजस्थान में जो कोयला बिजली बनाने योग्य नहीं, वही कोयला अदाणी के पावर प्लांट में बिजली बना रहा है।
उन्होंने दावा किया राजस्थान सरकार को कोल इंडिया लिमिटेड के मुकाबले अदाणी से कोयला 300 रुपये प्रति टन महंगा मिला। दो कोयला ब्लॉक में अदाणी को 250 मिलियन टन कोयला मुफ्त मिला। उसकी मौजूदा कीमत 50 हजार करोड़ रुपये है। उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा कि अदाणी को कोयला ब्लॉक कैसे मिले हुए हैं।