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गूगल, सिलिकॉन वैली में 6 लाख रुपये महीने की नौकरी छोड़ कर रहे आप का प्रचार

Thu, 02 May 2019 06:32 AM IST
Amit Digital अमित शर्मा, नई दिल्ली
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आतिशी मार्लेना (फाइल फोटो)
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गूगल जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनी में मोटी तनख्वाह पर नौकरी करने का सपना बहुत सारे भारतीय युवा देखते हैं। लेकिन ये ख्वाब बहुत कम ही लोगों का पूरा होता है। लेकिन यहां ऐसे भी युवा हैं जिन्होंने सिलिकॉन वैली की टॉप क्लास की नौकरी सिर्फ इसलिए छोड़ दी क्योंकि उन्हें इस इलेक्शन में अपने दोस्त के लिए चुनाव प्रचार करना है। 
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23 वर्षीय यश तिवारी गूगल कंपनी में 6 लाख रूपये महीने की नौकरी कर रहे थे। उसके बाद उन्हें सिलिकॉन वैली की एक स्टार्ट अप कंपनी में सॉफ्टवेर इन्फ्रास्ट्रक्चर इंजीनियर के रूप में महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला। लेकिन लोकसभा चुनाव 2019 में जब आम आदमी पार्टी ने पूर्वी दिल्ली से आतिशी मार्लेना का नाम फाइनल किया तो आतिशी के दोस्त यश ने उनके चुनाव प्रचार में आने का फैसला किया। जब कंपनी की तरफ से कुछ परेशानी आई तो उन्होंने नौकरी छोड़ दी और चुनाव प्रचार करने दिल्ली आ गये। अब वे आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार आतिशी मार्लेना को चुनाव प्रचार में तकनीकी मदद दे रहे हैं।

यह था उद्देश्य

यश तिवारी ने अमर उजाला को बताया कि लोकसभा चुनाव 2019 भारत के दृष्टिकोण से बहुत महत्त्वपूर्ण चुनाव होने जा रहा है। देश प्रेम से भरे तिवारी को बार-बार लग रहा था कि उन्हें किसी न किसी तरीके से इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए। जब उन्हें ये पता चला कि उनकी बेहद करीबी मित्र आतिशी लोकसभा चुनाव लड़ रही हैं तो वे खुद को यहां आने से रोक न पाए। आत्मविश्वास से भरे यश तिवारी कहते हैं कि आज भी उनके पास गूगल में काम करने का ऑफर है, लेकिन इसके बारे में वे कोई फैसला चुनाव परिणाम आने के बाद ही करेंगे। अभी वे इस राष्ट्र यज्ञ में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं।
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और भी हैं सितारे

यश तिवारी अकेले व्यक्ति नहीं हैं। उनके जैसे और भी हैं जिन्होंने अपना कामकाज छोड़ इस चुनाव में अपनी जिम्मेदारी निभाने को अहम माना है। अमेरिका के बोस्टन शहर में एविड कम्पनी में प्रोडक्ट मैनेजर की महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सिद्धेश जायसवाल भी इन्हीं लोगों में शामिल हैं। उन्होंने भी अपनी कम्पनी से एक महीने की छुट्टी सिर्फ इसलिए ली है जिससे वे इस लोकसभा चुनाव में अपनी मित्र आतिशी मार्लेना के लिए चुनाव प्रचार कर सकें।

सिद्धेश जायसवाल बताते हैं कि वे भी इस चुनाव में कुछ करना चाहते थे। जब उन्हें आतिशी की उम्मीदवारी का पता चला तो वे भी एक महीने की छुट्टी लेकर यहां आ गये। इस समय वे आतिशी मार्लेना का विश्वास नगर से चुनाव प्रचार कार्यक्रम देख रहे हैं। प्रचार की रणनीति से लेकर हर बूथ पर एक-एक व्यक्ति से संपर्क कैसे करना है और उन्हें अपनी कौन सी बात किस तरह पहुंचानी है, वे इसका पूरा नक्शा बना रहे हैं। 

दिल्ली से बाहर के छात्र भी

मुम्बई यूनिवर्सिटी के एक कॉलेज से एमबीए की पढाई कर रहे अमित बढ़वाई भी ऐसे ही लोगों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक मौकों में अपनी भागीदारी करने का अवसर कम ही लोगों को मिलता है। ऐसे में जब मुझे यह मौका मिला तो मैंने इसे गंवाना ठीक नहीं समझा। अमित का कहना है कि छात्र को मुख्यधारा की राजनीति का एक हिस्सा होना चाहिए। इससे लोगों को समझने की, उनकी पसंद-नापसंद को परखने की बेहद जमीनी जानकारी मिलती है जो हर क्षेत्र में आपकी मदद करती है। इसलिए उन्होंने इस चुनाव में बाकी कामकाज छोड़ अपनी भूमिका तलाश ली।
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