आज संसद में वित्त मंत्री ने लोकसभा में साल 2018-19 का आम बजट पेश किया। बजट से देश के नागरिकों को काफी उम्मीदें थी लेकिन वो पूरी नहीं हो सकी। मध्यम वर्ग के लोगों को टैक्स छूट में कोई रियायत नहीं दी गई। माना जा रहा था कि अगले साल चुनाव होने की वजह से यह बजट काफी लोकलुभावन होगा लेकिन हुआ इससे उलट। इस बजट को काफी सख्त कहा जा सकता है।
हालांकि राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति और राज्यपालों की तनख्वाह बढ़ाने का ऐलान किया गया है। इसके अलावा सांसदों को मिलने वाली सैलरी का भी हर पांच साल में रिवीजन किया जाएगा। अब भारत के राष्ट्रपति को पांच लाख रुपए, उप-राष्ट्रपति को चार लाख रुपए और राज्यपालों को साढ़े तीन लाख रुपए का मासिक वेतन दिया जाएगा। महंगाई दर के अनुसार हर पांच साल में सांसदों की तनख्वाह में भी बढ़ोत्तरी का जाएगी।
आम बजट से पहले राष्ट्रपति को डेढ़ लाख रुपए, उप-राष्ट्रपति को एल लाख 25 हजार रुपए और राज्यपालों को एल लाख 10 हजार रुपए हर महीने तनख्वाह मिलती थी। 1 जनवरी 2016 से लागू हुए सांतवे वेतन आयोग के अनुसार अब कैबिनेट सेक्रेटरी को ढाई लाख रुपए और केंद्रीय सचिव को दो लाख 25 हजार रुपए का वेतन मिलता है।