सोशल मीडिया के दिग्गज छोटे-छोटे मौकों पर हवा बनाने में नहीं चूकते हैं तो फिर यह तो बजट का मामला था। इस मामले पर सोशल मीडिया के सिपहसैलार तैनात हो गए। एक तरफ बजट हो रहा था तो दूसरी तरफ बिटविन द लाइन से मामले निकालकर सरकार को निशाने पर लिया जा रहा था। बजट में आम आदमी के लिए कुछ खास नहीं मिलने पर ट्विटर पर कमेंट्स और ट्रोल करने की होड़ मच गई। लोगों ने जमकर खिचाई की। ट्रोलबाजी के दौर में राजनीतिज्ञों ने भी बहती गंगा में हाथ धो लिए, पढ़ें
अक्षय जैन नाम के यूजर लिखते हैं अरुण जेटली का बजट किसी हैंड वॉश की तरह है, धोते जाओ... धोते जाओ...
हिस्ट्री ऑफ इंडिया नाम के यूजर लिखते हैं, अरुण जेटली के बजट के मुकाबिक भारत की कैपिटल कॉरपोरेट घरानों की जेबों में है
सागर ने भी अरुण जेटली के बजट के साथ-साथ आम आदमी की समझ पर भी कटाक्ष किया है।
सीपीआई के सीताराम येचुरी ने मोदी सरकार के बजट को सच्चाई से परे बताया। वो लिखते हैं कि मोदी सरकार का बजट सच्चाई से परे है। जमीनी स्तर से बिल्कुल दूर
कांग्रेस की प्रियंका गांधी ने तो जबरदस्त कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा कि मोदी सरकार के बजट में कॉरपोरेट घरानों को इनाम है और आम आदमी को घंटा मिला है।
वहीं महाराष्ट्र में बीजेपी सरकार के मुख्यमंत्री ने इस बजट को एतिहासिक करार दिया है। उन्होंने नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम की तारीफ करते हुए लिखा कि इसे 50 करोड़ परिवार लाभान्वित होंगे।