दिल्ली में धर्म-जाति को लेकर राजनीति बयानबाजी चरम पर है। कभी आम आदमी पार्टी तो कभी भाजपा एक-दूसरे पर जाति की राजनीति करने का आरोप लगा रही हैं। आरोप-प्रत्यारोपों के इस दौर में आम आदमी पार्टी के विधायक राजेश गुप्ता तो काफी आगे निकल गए। बुधवार को एक प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा, भाजपा बनियों के वोट कटवा रही है। बनियों ने भाजपा को खूब चंदा दिया था। अब भाजपा को बनियों के चंदे का एक-एक पैसा वापस लौटाना होगा।
राजेश गुप्ता ने कहा, भाजपा में इस बात को लेकर भी गुस्सा है कि दिल्ली का मुख्यमंत्री बनिया समाज से आता है। लोगों को याद है कि 2015 के चुनाव में मोदी ने बनियों पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि इनका तो गोत्र ही खराब है। बाद में भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।
दिल्ली में इनकी केवल तीन ही सीटें रह गई। अब भाजपा ने पूरे बनिया समाज पर ही हमला बोला है। भाजपा को चंदा देने वालो में सबसे ज्यादा योगदान बनिया समाज का रहा है। बतौर आप नेता, अब मैं अपने बनिया समाज की तरफ से भाजपा को कहना चाहता हूं कि हमने भाजपा को जो भी चंदा दिया है, वह बनिया समाज का एक एक पैसा वापस लौटाए।
आप की राष्ट्रीय प्रवक्ता और ईस्ट दिल्ली लोकसभा क्षेत्र की प्रभारी आतिशी ने कहा कि भाजपा अब तक जैसे मुसलमानों के खिलाफ काम करती थी, बिल्कुल उसी तरह अब बनिया और पूर्वांचली समाज के विरुध मुहिम शुरू कर दी गई है। इसका उदाहरण दिल्ली में भाजपा द्वारा काटे जा रहे बनियों और पूर्वांचल के लोगों के वोट हैं। आतिशी ने भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता और विधायक एम. सिरसा पर हमला बोलते हुए कहा, वे चुनाव आयोग को कहें कि उन्होंने भाजपा के कहने पर अपनी वेबसाइट पर काटे गए नामों की लिस्ट दोबारा अपलोड करें।
आम आदमी पार्टी की जांच में कुछ चौकाने वाले नतीजे सामने आए थे। दरअसल इन काटे गए नामों में मुख्य तौर पर तीन समुदायों के लोगो के नाम बहुत अधिक हैं। इनमें मुख्य तौर पर बनिया समाज, पूर्वांचल समाज और मुस्लिम समाज के वोट शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर, जंगपुरा में जहां 27 हज़ार लोगों के नाम काटे गए हैं, उनमें 5 हजार से ज्यादा बनियों के, लगभग 5 हजार मुस्लिम और साढ़े 8 हजार वोट पूर्वांचलियों के हैं।
इसी प्रकार से लक्ष्मीनगर, जहां पर 44 हजार लोगो के नाम काटे गए थे, वहां 10 हज़ार बनियों के वोट, 5 हजार मुस्लिम वोट और 14 हजार वोट पूर्वांचलियों के काटे गए हैं। आप नेता के मुताबिक, भाजपा हमेशा से ही मुसलमानों के खिलाफ काम करती आई है। गुजरात में भी भाजपा मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में मुसलमानों के वोट कटवा कर चुनाव जीतती रही है। भाजपा अब बनियों और पूर्वांचलियों के साथ भी वही व्यवहार कर रही है।