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Aviation: पायलट बनने का सपना होगा आसान! अब AAI भी तैयार करेगा पायलट, क्यों सरकार ट्रेनिंग में कर रही एंट्री?

Tue, 07 Jul 2026 04:39 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) मुख्य रूप से देश में हवाई अड्डों के विकास और संचालन का कार्य करता रहा है। लेकिन पहली बार पायलट प्रशिक्षण के क्षेत्र में प्रवेश करने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, नई योजना के तहत अब प्राधिकरण अपने एयरपोर्ट नेटवर्क पर पायलट प्रशिक्षण से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी विकसित करेगा।
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भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) - फोटो : AIR एक्स
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विस्तार
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देश में पायलटों की बढ़ती मांग को देखते हुए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) अब पायलट प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी कदम रखने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत प्राधिकरण अपने एयरपोर्ट नेटवर्क पर फुल फ्लाइट सिम्युलेटर और टाइप रेटिंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन की स्थापना करेगा।

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विमानपत्तन प्राधिकरण मुख्य रूप से देश में हवाई अड्डों के विकास और संचालन का कार्य करता रहा है। लेकिन पहली बार पायलट प्रशिक्षण के क्षेत्र में प्रवेश करने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, नई योजना के तहत अब प्राधिकरण अपने एयरपोर्ट नेटवर्क पर पायलट प्रशिक्षण से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी विकसित करेगा। इससे देश में प्रशिक्षित पायलटों की बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ विमानन क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।

प्राधिकरण ने इस योजना पर काम भी शुरू कर दिया है। इसके तहत एएआई ने अपने एयरपोर्ट नेटवर्क के उपयुक्त हवाई अड्डों पर फुल फ्लाइट सिम्युलेटर और टाइप रेटिंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन स्थापित करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने संबंधी प्रस्ताव जारी किया है। यह पहल इसलिए भी अहम है क्योंकि अब तक पायलटों की टाइप रेटिंग और फ्लाइट सिम्युलेटर ट्रेनिंग का क्षेत्र मुख्य रूप से निजी कंपनियों के पास रहा है। विमानपत्तन प्राधिकरण के इस कदम से पहली बार सरकारी क्षेत्र भी पायलट प्रशिक्षण के क्षेत्र में उतरेगा। इससे देश में प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार होगा और अधिक संख्या में प्रशिक्षित पायलट तैयार किए जा सकेंगे।
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टेंडर दस्तावेज के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य ऐसा टिकाऊ बिजनेस मॉडल तैयार करना है, जिससे प्राधिकरण अपने एयरपोर्ट नेटवर्क का बेहतर उपयोग करते हुए तेजी से बढ़ रहे विमानन प्रशिक्षण बाजार में अपनी भागीदारी बढ़ा सके। नियुक्त होने वाला कंसल्टेंट देश में पायलट प्रशिक्षण की मौजूदा और भविष्य की मांग का आकलन करेगा। इसके अलावा, वह उपयुक्त एयरपोर्ट का चयन, जरूरी बुनियादी ढांचे का मूल्यांकन, साझेदारी मॉडल और परियोजना की विस्तृत वित्तीय योजना भी तैयार करेगा।

तेजी से बढ़ेगी कमर्शियल पायलटों की डिमांड
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब देश में कमर्शियल पायलटों की मांग तेजी से बढ़ रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में भारत में 10,261 वैध एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस धारक हैं। सरकार का अनुमान है, अगले 15 से 20 वर्षों में भारतीय एयरलाइंस के बेड़े में शामिल होने वाले 1,700 से अधिक नए विमानों के संचालन के लिए करीब 30,000 पायलटों की जरूरत होगी। इसी बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार पायलट प्रशिक्षण केंद्र, फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन और फ्लाइट सिम्युलेटर आधारित प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार पर जोर दे रही है।

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