इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी ने कहा है कि भारत सरकार की आधार कार्ड स्कीम ने करीब एक अरब लोगों को जोड़ा है, जिससे सरकारी खजाने के 9 अरब डॉलर बचे हैं।
62 वर्षीय नीलेकणी ने कहा कि इस योजना को यूपीए सरकार ने लॉन्च किया था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे काफी जोरशोर से बढ़ावा दिया। उन्होंने यह बयान वर्ल्ड बैंक पैनल में डिजिटल इकोनॉमी पर चर्चा के दौरान दिया।
नीलेकणी ने कहा कि विकासशील देशों के लिए सही डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना आसान है। आधार कार्ड अब 100 करोड़ लोगों के पास मौजूद है।
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उन्होंने दावा किया कि आधार कार्ड के यूनिक नंबर होने के कारण अब आप लोगों की पहचान कर सकते हो। जिससे पैसा सीधे उनके खाते में जाता है। लगभग 50 करोड़ लोगों ने अपनी आईडी को बैंक खाते से जोड़ दिया है।
भारत सरकार करीब 12 अरब डॉलर सीधा बैंक खातों में भेज रही है, जो कि दुनिया का सबसे बड़ा कैश ट्रांसफर सिस्टम है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नीलेकणी ने यह भी कहा कि डाटा इकोनॉमी के क्षेत्र में आइडेंटिटी, पेपरलेस ट्रांजैक्शन का होना काफी जरूरी है। यही काम भारत कर भी रहा है।