सरकार ने विशिष्ट पहचान संख्या से जुड़े ‘आधार’ के तहत दर्ज बायोमीट्रिक डाटा की सुरक्षा पर उठ रही आशंकाओं को निराधार बताते हुये इसे पूरी तरह से सुरक्षित बताया है।
सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान आधार की उपयोगिता से जुड़े एक सवाल के जवाब में बताया कि आधार में दर्ज आंकड़े न सिर्फ पूरी तरह से सुरक्षित हैं बल्कि इसकी वजह से गरीब कल्याण योजनाओं के लाभ में बिचौलियों के दुरुपयोग को रोकने में भी कामयाबी मिली है।
उन्होंने कहा कि जनकल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का लाभ आधार के जरिये सीधे लाभार्थी के खाते में जमा होने के कारण बिचौलियों से होने वाले लगभग 90 हजार करोड़ रुपये के दुरुपयोग को रोका जा सका है।
प्रसाद ने बिचौलियों के चलते जनकल्याण योजनाओं के लाभ से गरीबों को होने वाले नुकसान को रोकने में मिली बड़ी उपलब्धि बताया। इसकी सुरक्षा से जुड़े सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आधार से जुड़े डाटा के दुरुपयोग से जुड़ा एक भी मामला भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के समक्ष संज्ञान में नहीं आने का हवाला देते हुये इसे पूरी तरह से सुरक्षित बताया।
प्रसाद ने कहा कि पहले आधार के ‘निराधार’ होने के आरोप लगते थे क्योंकि पहले यह किसी पुख्ता कानून से पुष्ट नहीं था। लेकिन अब सरकार ने आधार को संसद द्वारा पारित कानून से पुष्ट कार्ययोजना से लैस है।
हाल ही में यूआईडीएआई के प्रमुख आर एस शर्मा के आधार के जरिये उनके बैंक खाते को हैक करने संबंधी मीडिया खबरों को खारिज करते हुये प्रसाद ने कहा कि यूआईडीएआई ने इस बारे में पहले ही बयान जारी कर हैकिंग के दावे को गलत करार दिया था।