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UIDAI: अब बिना आधार नहीं मिलेंगी सरकारी सुविधाएं, मंत्रालयों और राज्य सरकारों को निर्देश जारी

Tue, 16 Aug 2022 10:37 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सर्कुलर में कहा गया है कि आधार एक्ट की धारा 7 के प्रावधान के तहत यदि किसी व्यक्ति को अब तक कोई आधार संख्या नहीं है, तो उसे इसके लिए आवेदन करना होगा।
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आधार कार्ड - फोटो : iStock
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विस्तार
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अगर आपके पास अब तक आधार नंबर नहीं है या आधार के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है तो सरकारी सुविधाओं से हाथ धोना पड़ेगा। यूआईडीएआई ने सभी मंत्रालयों और राज्य सरकारों को सर्कुलर जारी कर कहा है कि सभी सरकारी सब्सिडी और लाभ के लिए आधार नंबर को अनिवार्य बनाया जाए। आधार अधिनियम की धारा 7 में बिना आधार वाले व्यक्ति को भी सुविधा प्रदान करने के लिए मौजूदा प्रावधान है। ऐसे व्यक्तियों को पहचान के वैकल्पिक और व्यवहार्य साधनों के माध्यम से सरकारी लाभ, सब्सिडी और सेवाओं का लाभ उठाने का प्रावधान है। हालांकि सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि देश में 99 प्रतिशत वयस्कों के पास आधार नंबर उपलब्ध है। 

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आधार नामांकन पहचान भी होगा मान्य 
सर्कुलर में कहा गया है कि आधार एक्ट की धारा 7 के प्रावधान के तहत यदि किसी व्यक्ति को अब तक कोई आधार संख्या नहीं है, तो उसे इसके लिए आवेदन करना होगा। जब तक ऐसे व्यक्ति को आधार संख्या आवंटित नहीं की जाती है, वह आधार नामांकन पहचान (ईआईडी) संख्या / पर्ची के साथ पहचान के वैकल्पिक और व्यवहार्य साधनों के माध्यम से सरकारी लाभ, सब्सिडी और सेवाओं का लाभ उठा सकता है। यानि किसी के पास अभी तक आधार नंबर नहीं है तो उसे सरकारी सेवा, लाभ या सब्सिडी के लिए तुरंत आधार का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जब तक आधार नंबर नहीं आता तब तक रजिस्ट्रेशन पर्ची दिखाकर सरकारी सेवाओं का लाभ उठाया जा सकता है। 

देश में 99 प्रतिशत वयस्कों के पास आधार पहचान
सर्कुलर में कहा है कि देश में 99 प्रतिशत वयस्कों के पास आधार पहचान है जिसके कारण कई तरह की सेवाओं और लाभ को उन तक सीधे हस्तांरित किया जाता है। आधार ने कल्याणकारी सेवाओं को प्राप्त करने में देश के नागरिकों के अनुभव की गुणवत्ता को कई गुना बढ़ा दिया है। आधार के कारण सरकारी योजनाओं में होने वाली घपलेबाजी को बहुत हद तक रोकने में मदद मिली है।  
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यूआईडीएआई ने इससे पहले नागरिकों के लिए वर्चुअल आईडेंटिफायर (VID) की सुविधा को बढ़ाया था। नियमानुसार आधार नंबर धारक ऑनलाइन प्रमाणीकरण या ई-केवाईसी के लिए आधार संख्या के बदले वीआईडी का उपयोग कर सकता है। सभी संस्थाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि वर्चुअल आईडी का उपयोग करके आधार प्रमाणीकरण का प्रावधान प्रदान किया जा रहा है।
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