यूआईडीएआई ने एलान किया है कि अगले महीने से पुराना आधार एप पूरी तरह बंद हो जाएगा। अब सभी काम नए एप के जरिए होंगे। नया एप अधिक स्मार्ट, तेज और सुरक्षित है, जिसे चार महीने में 2.1 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है। इसमें क्यूआर शेयरिंग, बायोमेट्रिक लॉक और मोबाइल नंबर अपडेट जैसी सुविधाएं हैं। आइए, इस पूरी जानकारी विस्तार से समझते हैं...
पहचान पत्र बनाने वाली सरकारी संस्था यूआईडीएआई ने एक बड़ा एलान किया है। अगर आप भी अपने मोबाइल में पुराना आधार एप इस्तेमाल करते हैं, तो अब आपको इसे बदलना होगा। अगले महीने से पुराना एप पूरी तरह से बंद हो जाएगा और सारा काम नए एप से ही होगा।
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यूआईडीएआई ने शुक्रवार को जानकारी दी है कि लोगों को अब नए आधार एप पर शिफ्ट हो जाना चाहिए। संस्था का कहना है कि नया एप पुराने के मुकाबले ज्यादा स्मार्ट, बहुत तेज और पूरी तरह सुरक्षित है। अब तक लोग अपनी सुविधा के लिए नया और पुराना दोनों एप चला रहे थे, लेकिन अगले महीने से पुराना एप हमेशा के लिए काम करना बंद कर देगा। इसलिए जरूरी है कि सभी लोग समय रहते नया एप डाउनलोड कर लें ताकि उनके काम न रुकें।
नए आधार एप में कौन सी खास सुविधाएं मिलेंगी?
नए आधार एप में सुरक्षा और प्राइवेसी का बहुत खास ध्यान रखा गया है। इसमें क्यूआर कोड (QR Code) के जरिए अपनी जानकारी सुरक्षित तरीके से शेयर करने की सुविधा है। इसके अलावा आपकी निजी जानकारी पर आपका पूरा कंट्रोल रहेगा। आप चाहें तो अपना बायोमेट्रिक लॉक कर सकते हैं और फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर किसी को अपनी बहुत सीमित जानकारी ही शेयर करने का विकल्प भी इसमें दिया गया है।
नए एप को अब तक कितने लोगों ने डाउनलोड किया?
यूआईडीएआई ने इस नए और शानदार एप को करीब चार महीने पहले ही लांच किया था। इतने कम समय में इसे 2.1 करोड़ से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं। इस एप की मदद से 28 लाख से ज्यादा लोग बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे, घर बैठे ही अपना मोबाइल नंबर अपडेट कर चुके हैं। कोई भी स्मार्टफोन यूजर इस नए एप को गूगल प्ले स्टोर से मुफ्त में डाउनलोड कर सकता है।
क्या अब मोबाइल एप को ही आईडी प्रूफ माना जाएगा?
नए आधार एप का सबसे बड़ा फायदा यही है कि अब आपको हर जगह अपना कागज या प्लास्टिक वाला आधार कार्ड साथ लेकर घूमने की जरूरत नहीं है। आप अपने मोबाइल में नए आधार एप को ही आईडी प्रूफ (पहचान पत्र) के रूप में दिखा सकते हैं। चाहे होटल में कमरा लेना हो या शिक्षण संस्थाओं में कोई वेरिफिकेशन कराना हो, इस एप को सत्यापन के लिए आसानी से पेश किया जा सकता है।