फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोझिकोड के रनवे को लेकर जारी हुई थी चेतावनी, नौ साल पहले विशेषज्ञ ने जताई थी चिंता

Sat, 08 Aug 2020 06:26 PM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
विज्ञापन
दुर्घटनाग्रस्त एयर इंडिया एक्सप्रेस - फोटो : PTI
विज्ञापन

केरल के कोझिकोड में शुक्रवार को हुए विमान दुर्घटना में 18 लोगों की मौत हो चुकी है। वंदे भारत मिशन के तहत दुबई से कोझिकोड आ रहा एयर इंडिया का बोइंग 737-800 यात्री विमान हवाई अड्डे पर उतरते वक्त फिसल गया और 35 फीट नीचे खाई में गिर गया, जिसके बाद उसके दो टुकड़े हो गए।

विज्ञापन


उधर विमानन क्षेत्र के एक विशेषज्ञ ने करीब नौ साल पहले 2011 में ही चेताया था कि कोझिकोड हवाईअड्डे के रनवे-10 पर बारिश में उतरते विमान की दिशा में बहती हवा की स्थिति में यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है।

कैप्टन मोहन रंगनाथन ने जून, 2011 में तत्कालीन नागर विमानन सचिव नसीम जैदी को पत्र लिखकर इस हवाई पट्टी को लेकर अपनी चिंता जताई थी। रंगनाथन उस समय नागर विमानन सुरक्षा सलाहकार समिति (सीएएसएसी) मे परिचालन समूह के सदस्य थे।
विज्ञापन




कोझिकोड में शुक्रवार को हुए हादसे के मद्देनजर रंगनाथन की यह चेतावनी काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। पत्र में रंगनाथन ने कहा था, ‘यदि खतरे के बावजूद पायलट बारिश और अनुकूल हवा की स्थिति में विमान उतारने को तैयार होते हैं, तो एप्रोच एंड लैंडिंग एक्सिडेंट रिडक्शन (एएलएआर) यानी विमान उतरते समय दुर्घटना रोकने को लेकर उनकी समझ काफी कमजोर है।

मेंगलूर हवाईअड्डे पर 2010 में एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद रंगनाथन ने यह पत्र लिखा था। इस हादसे में 158 लोग मारे गए थे। रंगनाथन ने लिखा था, ‘रनवे-10 पर बारिश में अनुकूल हवा की स्थिति में उतरने वाली उड़ानें यात्रियों की जान खतरे में डालने वाली हैं।’ ऐसी परिस्थिति में उतरते समय विमान का कोण या दिशा प्रभावित हो सकती है। रंगनाथन के पत्र पर उस समय क्या कार्रवाई हुई थी, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है।
विज्ञापन


बता दें कि केरल का कोझिकोड हवाईअड्डा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के अंतर्गत आता है। इस हवाईअड्डे पर टेबलटॉप हवाई पट्टी है। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें