गुजरात में साबरमती रिवरफ्रंट और सरदार वल्लभभाई पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बीच उड़ान भरने वाला 19 सीटर सीप्लेन रविवार को मालदीव से कोच्चि पहुंचा।
समुद्र में भी चल सकने वाला विमान अहमदाबाद जाने के रास्ते में कोच्चि पहुंचा और वेंदुरुथी चैनल में सुरक्षित उतरा। अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट और नर्मदा जिले में स्थित स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के बीच देश की पहली सीप्लेन सेवा शुरू की जाएगी।
31 अक्तूबर से हो सकती है सी प्लेन की शुरुआत
केंद्रीय जहाजरानी मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि अगर सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ तो सेवा की शुरुआत 31 अक्तूबर को की जा सकती है। स्पाइसजेट कंपनी ने ट्विन ओटर 300 सीप्लेन को किराए पर लिया है, जिसमें एक बार में 12 यात्री उड़ान भर सकेंगे।
नौसेना की जैटी में सीप्लेन में आगे की यात्रा के लिए ईंधन भरा गया
एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा, 'नौसेना की जैटी में सीप्लेन में आगे की यात्रा के लिए ईंधन भरा गया।' इस दौरान स्पाइसजेट, भारतीय नौसेना, कोचीन अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन लिमिटेड और जिला प्रशासन के प्रतिनिधि उपस्थित थे। दक्षिणी नौसैनिक कमान के कमांडिंग-इन-चीफ फ्लैग अधिकारी वाइस एडमिरल ए के चावला ने सीप्लेन के चालक दल के सदस्यों का अभिनंदन किया।
क्या है सीप्लेन की खासियत:
- सीप्लेन जमीन और पानी दोनों से उड़ान भर सकता है।
- पानी और जमीन दोनों पर सीप्लेन को लैंड भी कराया जा सकता है।
- महज 300 मीटर के रनवे से सीप्लेन उड़ान भर सकता है।
- 300 मीटर की लंबाई वाले जलाशय का इस्तेमाल हवाई-पट्टी के रूप में संभव है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार सी प्लेन से उड़ान भरी थी
बता दें कि गुजरात चुनाव के दौरान 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार साबरमती रिवर फ्रंट में सीप्लेन से उड़ान भरी थी। इसके बाद से सी प्लेन को लेकर लोगों की उत्सुकता जगी। उनकी यात्रा साबरमती रिवर फ्रंट से अहमदाबाद तक रही थी।