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चोर का हुआ हृदय परिवर्तन, चोरी वाले घरों में घूम-घूम कर मांग रहा माफी

Sat, 07 May 2016 05:10 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : demo
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चोर और बदमाशों के सुधार के किस्से तो आपने बहुत सुने होंगे लेकिन कर्नाटक के इस चोर का किस्सा कुछ अलग है। लगभग तीन दशक तक पुलिस और लोगों की नाक में दम करने वाले इस कुख्यात चोर ने राज्य के अलग अलग हिस्सों में जिन 260 घरों में चोरी की वहां वहां जाकर वह अपने किए की माफी मांग रहा है। जीवन के नए मकसद में वह आज हर इंसान को शिक्षा की अहमियत समझाकर नेक रास्ते पर चलने की अपील कर रहा है।
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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार 46 साल के बसावराज निंगप्पा बेलागज्जारी का नाम पुलिस की फाइलों में कुख्यात चोर के तौर पर दर्ज है, ऐसा चोर जो लगभग तीन दशक तक पूरे सूबे की पुलिस को छकाता रहा। कभी वो पुलिस के हाथ आता तो कभी निकल जाता, लेकिन पुलिस कभी उस पर लगाम नहीं लगा सकी। लेकिन अचानक उसके दिल में परिवर्तन हुआ और उसने सब बुरे कामों से तौबा कर ली। 

उत्तरी कर्नाटक के यालागावी से चलकर बंगलुरू पहुंचे निंगप्पा हाथों में तिरंगा और बैनर लेकर अभी तक 450 किलोमीटर की दूरी तय कर चुके हैं। 'गरीबों के लिए एक घर और दलितों के लिए शिक्षा' लिखा बैनर लेकर चल रहे निंगप्पा बेलागज्जारी रास्ते में जहां जहां से गुजरे वहां लोगों को शिक्षा का महत्व समझाते रहे।
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शिक्षा और अधिकारों की अलख जगा रहा पूर्व अपराधी

उनसे बात करने पर हुए बेलाग अंदाज में निंगप्पा ने कहा मैंने पिछले तीस सालों में हजारों अपराधियों को देखा है। उनमें से ज्यादातर गरीबी और ‌अशिक्षा के कारण अपराध के रास्ते पर चलने को मजबूर हुए। 

बातचीत में बताया कि रास्ते में वह उन घरों की पहचान करता रहे जहां से उन्होंने कभी कीमती सामान को चोरी कर बेच दिया था। वह उन घरों में जाकर बताते हैं कि उसने वहां चोरी की थी और वह कोर्ट में भी इस बात को स्वीकार कर सकता है। 

उन्होंने बताया कि यह बात उसे तब समझ आई जब एक घर में चोरी के दौरान घर मालिक ने उससे बात की। निगंप्पा बताते हैं कि उसके बाद मैंने एक सामान्य जीवन गुजारने का फैसला किया। 
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चोरी करने वाले घरों में जाकर स्वीकारा अपना गुनाह

टूंडली में एक घर में लाखों की चोरी हो गई
यह साल 2010 का वक्ता था जब मैने खुद में सुधार किया और सारे बुरे कामों को छोड़ दिया। एक दिन मैं ‌बिलोंगाला में एक घर के सामने से गुजर रहा था, जहां मैने 2005 में चोरी की थी। काफी साहस करके मैं उस घर के अंदर गया और एक गिलास पानी मांगा। 

मकान मालिक ने पानी दिया तो मैंने उन्हें बताया कि मैं उन लोगों में से एक हूं जिन्होंने इस घर में एक किलो सोने की चोरी की थी। यह सुनकर मकान मालिक को विश्वास नहीं हुआ। लेकिन जब मैने वारदात के पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया तो उन्हें यकीन हुआ। 

इसके बाद मैंने उस सुनार के बारे में भी बताया जिसने चोरी हुआ सोना खरीदा था। फिलहाल मामला कोर्ट में चल रहा है और उस परिवार को उसका सोना वापिस मिल गया है। निंगप्पा ने बताया कि मैंने हमेशा सरकारी कर्मचारियों के घरों में चोरी की कभी गरीब इंसान को अपना निशाना नहीं बनाया। मैं हमेशा गरीबों की मदद करता था।
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