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Taj Mahal: मां के प्यार में बेटे ने बनवाया दक्षिणी ताजमहल, तमिलनाडु के थिरुवरुर में उमड़ रही लोगों की भीड़

Mon, 27 Apr 2026 10:34 AM IST
Riya Dubey न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

तमिलनाडु के थिरुवरुर जिले में एक बेटे ने अपनी मां की याद में ताजमहल जैसी भव्य इमारत बनवाई है, जिसे लोग दक्षिणी ताजमहल कह रहे हैं। अमुरदीन ने राजस्थान के सफेद संगमरमर से यह स्मारक तैयार कराया, जिसे देखने देशभर से लोग पहुंच रहे हैं। यहां सभी समुदायों के लोगों को प्रवेश दिया जाता है और आगंतुकों के लिए मुफ्त व्यवस्था भी की गई है।
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तमिलनाडु के थिरुवरुर जिले में बना ताज महल - फोटो : IANS
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विस्तार
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मां के प्रति एक बेटे का प्रेम अब भव्य स्मारक के रूप में लोगों को आकर्षित कर रहा है। तमिलनाडु के थिरुवरुर जिले में बना यह अनोखा स्मारक इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। लोग इसे दक्षिणी ताजमहल कह रहे हैं और इसे देखने के लिए राज्य ही नहीं, बल्कि देशभर से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं।

अमुरदीन ने अपनी मां के याद में बनवाई यह इमारत

यह स्मारक अम्मायाप्पन गांव में बनाया गया है। यहां रहने वाले शेख दाऊद और जेलानी बीवी के बेटे अमुरदीन (49), जो चेन्नई के व्यवसायी हैं, ने अपनी मां की याद में इस इमारत का निर्माण कराया। परिवार में उनकी चार बहनें भी हैं और सभी चेन्नई में रहते हैं।

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पिता के निधन के कुछ वर्षों बाद वर्ष 2020 में मां जेलानी बीवी का भी देहांत हो गया। मां के जाने के बाद अमुरदीन ने उनकी याद को हमेशा जीवित रखने के लिए गांव में एक भव्य स्मारक बनाने का फैसला किया।

किससे मिली इमारत बनवाने की प्रेरणा?

उन्होंने बताया कि उन्हें एम. करुणानिधि से प्रेरणा मिली, जिन्होंने अपनी मां अंजुगम अम्मैयार की स्मृति में स्मारक बनवाया था। इसी सोच के साथ अमुरदीन ने भी अपनी मां के लिए कुछ खास करने का निर्णय लिया।

अमुरदीन का कहना है कि जिस तरह ताज महल प्रेम का प्रतीक माना जाता है, उसी तरह वह अपनी मां के लिए प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक बनाना चाहते थे। इसलिए उन्होंने राजस्थान से सफेद संगमरमर मंगवाकर मुगल शैली में ताजमहल जैसी इमारत तैयार करवाई।

इमारत की खासियत 

करीब एक एकड़ जमीन पर बने इस स्मारक का निर्माण लगभग 8,000 वर्गफुट क्षेत्र में किया गया है। इसकी चौड़ाई 46 फीट है और इसमें ऊंची मीनारें भी बनाई गई हैं। इस अनोखे स्मारक का उद्घाटन 2 जून 2022 को सादगीपूर्ण समारोह में किया गया था।

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स्मारक परिसर में उनकी मां की याद में एक मस्जिद बनाई गई है। साथ ही एक ओर भव्य नमाज स्थल और दूसरी ओर मदरसा भी है, जहां छात्र रहकर पढ़ाई कर सकते हैं। दक्षिण तमिलनाडु में सफेद संगमरमर से बना यह अपनी तरह का पहला ताजमहल शैली स्मारक माना जा रहा है। इसके खुलने के बाद से हजारों लोग यहां पहुंच चुके हैं।

इमारत की लोकप्रियता बढ़ रही है

गर्मी की छुट्टियों के चलते अब यहां आने वालों की संख्या और बढ़ गई है। तमिलनाडु समेत देश के कई हिस्सों से परिवार यहां पहुंच रहे हैं। आगंतुकों के लिए प्रबंधन की ओर से मुफ्त छाछ, सुंडल और मूंगफली की चिक्की भी दी जा रही है।

सबसे खास बात यह है कि यहां सभी धर्मों और समुदायों के लोगों को बिना किसी भेदभाव के प्रवेश दिया जाता है। लोग परिवार के साथ तस्वीरें खिंचवा रहे हैं और इस अनोखे स्मारक को देखकर भावुक भी हो रहे हैं। स्थानीय लोग अमुरदीन की जमकर सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि मां के सम्मान में प्रेम और श्रद्धा का ऐसा उदाहरण बहुत कम देखने को मिलता है।

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