महाराष्ट्र के ठाणे में 2021 में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले एक सफाई कर्मचारी के परिवार को 64.73 लाख रुपये का मुआवाजा मिलेगा। मोटर दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने मृतक के परिवार की अपील पर ट्रक मालिक और बीमा कंपनी को दोषी मानते हुए मुआवजे देने का आदेश दिया है।
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क्या था मामला?
26 सितंबर, 2021 की रात सफाई कर्मचारी प्रेमदास चिंधु जाधव की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। परिवार के अनुसार जब वह रात को अपनी मोटरसाइकिल से सांगे गांव लौट रहे थे। तब बापगांव नाका पर एक ट्रक गलत दिशा से आया और उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इससे जाधव की मौके पर ही मौत हो गई।
ट्रक चालक की लापरवाही से हुई दुर्घटना- एमएसीटी
न्ययाधीकरण ने पाया कि ट्रक तेज गति और लापरवाही से चलाया जा रहा था। एमएसीटी ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे मृतक की ओर से कोई लापरवाही दिखाई दे। साथ ही बीमाकर्ता के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि ट्रक चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं था।
7वें वेतन आयोग के तहत मिलेगा मुआवजा
आय के ऊपर न्यायाधिकरण ने भिवंडी निजामपुर नगर निगम (बीएनएमसी) के साक्ष्य पर विचार किया और फैसला सुनाया कि जाधव, 1999 से स्थायी कर्मचारी होने के नाते, 7वें वेतन आयोग के तहत संशोधित वेतन लाभ के हकदार थे।
नौ प्रतिशत ब्याज दर के साथ भुगतान करने का आदेश
एमएसीटी ने दोषी ट्रक के मालिक और बीमा कंपनी को संयुक्त रूप से और अलग-अलग दावे की तारीख से 9 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज सहित भुगतान करने का आदेश दिया। 64.73 लाख रुपये के मुआवजे में भविष्य की कमाई के नुकसान के लिए 48.28 लाख रुपये और कई अन्य प्रावधानों के तहत शेष राशि शामिल है।