सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें यह अनुरोध किया गया है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में किए गए लॉकडाउन को सही तरीके से लागू करवाने के लिए सेना की तैनाती का निर्देश दिया जाए।
याचिका में कहा गया है कि कुछ राज्यों में लॉकडाउन के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिस अधिकारियों पर भीड़ की तरफ से हमले किए गए। इस याचिका में अनुरोध किया गया है कि प्रशासन को नागरिकों के बुनियादी अधिकारों की रक्षा के लिए निर्णायक रणनीति और दिशा-निर्देश तय करने का निर्देश दिया जाए ।
सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई इस याचिका में यह भी कहा गया है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) या राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को लॉकडाउन के दौरान, देश के कई हिस्सों में लोगों के जुटने से संबंधित मामलों की जांच का भी निर्देश देना चाहिए ।
याचिकाकर्ता के आर शेनॉय ने अपनी याचिका में कहा है, ‘‘कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन को सही तरीके से लागू करना बहुत जरूरी है। ऐसे में हर राज्य में सेना की तैनाती करना बहुत जरूरी है। लिहाजा, देश के नागरिकों के फायदे के लिए जल्द से जल्द सैन्य बलों की तैनाती होनी चाहिए।’’
याचिका में दावा किया गया है कि कई राज्यों की तरफ से उठाए गए कदमों के बावजूद स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे लोगों और पुलिसकर्मियों पर हमले हो रहे हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि इन हमलों की वजह से कोरोना वायरस को रोकने की दिशा में यह बड़ी समस्या है ।
याचिका में कहा गया, ‘‘यह भी ध्यान दिलाया जाना जरूरी है कि कोरनटाइन में रह रहे लोग या इलाज करा रहे लोग कोरनटाइन सेंटर और अस्पताल से भाग रहे हैं। इससे संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए इन जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना चाहिए । ’’
इस याचिका में अपने-अपने गृह नगरों की ओर लौटने की आस में कई राज्यों में एक जगह जमा हुए लोगों के मुद्दे को भी उठाया गया है।