जिलेटिन की छड़ें सस्ते विस्फोटक पदार्थ हैं जिनका उपयोग आमतौर पर खदानों में किया जाता है और इन्हें आसानी से संग्रहीत किया जा सकता है। वे डेटोनेटर के बिना विस्फोट नहीं कर सकते और ग्रे मार्केट में आसानी से उपलब्ध हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि हरे रंग की स्कॉर्पियो में पाए जाने वाले 20 जिलेटिन की छड़ें कहां, कब और किससे खरीदी गई थीं। एसयूवी में पाए जाने वाली जिलेटिन की छड़ें सौर उद्योग लिमिटेड, नागपुर द्वारा निर्मित की गई थीं, जो वाणिज्यिक विस्फोटकों की अग्रणी निर्माता कंपनी है। जिलेटिन के विनिर्माण, बिक्री और उपयोग को विस्फोटक अधिनियम के प्रावधानों के तहत विनियमित किया जाता है, लेकिन नियमों को सख्ती से लागू नहीं किया जाता है।
4. मनसुख हिरेन की हत्या क्यों की गई?
48 वर्षीय व्यापारी की मृत्यु के लगभग एक महीने बाद भी यह महत्वपूर्ण प्रश्न अनुत्तरित है। हीरेन वाजे को सालों से जानता था। एटीएस को दिए गए उसकी पत्नी के बयान के अनुसार, वाजे ने चार महीने के लिए हिरेन से स्कॉर्पियो उधार ली थी और उसे 5 फरवरी को लौटा दिया था। जिस रात हिरेन घर से निकलने के बाद लापता हुआ था, उस रात उसका बड़ा भाई विनोद वाजे के संपर्क में था।
अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हिरेन की हत्या का एक संभावित कारण यह हो सकता है कि वह विस्फोटक मामले में बहुत से राज और कई आरोपियों को जानता होगा। इसलिए जब उसका शव नाले से बरामद किया गया तो उसके आसपास से उससे संबंधित कोई भी सामान नहीं पाया गया।
5. हिरेन का सामान कहां है?
जब हिरेन का शव ठाणे जिले में नाले से बरामद किया गया, तो उसके चेहरे पर नकाब लगा हुआ था और उसके मुंह में कई रूमाल थे। उसकी पत्नी विमला द्वारा पुलिस को दिए बयान के अनुसार, 4 मार्च को रात 8.30 बजे घर से निकलने के दौरान हिरेन के पास एक सोने की अंगूठी, एक कलाई घड़ी, एक बटुआ और मोबाइल फोन सहित उसके सभी व्यक्तिगत दस्तावेज थे, जो कि गायब थे। जांचकर्ताओं ने कई स्थानों की तलाशी ली, जिसमें कथित रूप से मजीवाडे जंक्शन पर स्थित वाजे से संबंधित एक गोदाम, साथ ही कलवा में शिंदे के घर भी शामिल हैं। यहां तक कि ठाणे के साकेत कॉम्प्लेक्स में वाजे के घर में भी तलाशी ली गई, लेकिन हिरेन का सामान अभी तक बरामद नहीं हुआ है।
हिरेन की पत्नी विमला ने एटीएस को बयान दिया कि हिरेन ने 17 फरवरी को वाजे से स्कॉर्पियो वापस ले लिया था। हिरेन ने कार को विक्रोली में सड़क के किनारे छोड़ दिया, क्योंकि स्टीयरिंग जाम हो गया था। फिर उसने एक निजी टैक्सी की सवारी की और अपने गंतव्य की ओर चला गया। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के अनुसार, हिरेन और वाजे की मुलाकात क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट के कार्यालय के बाहर हुई थी। दोनों थोड़ी देर के लिए वाजे की मर्सिडीज में बैठे और फिर हिरेन वहां से चला गया। अगले दिन, विमला के बयान के अनुसार, हिरेन कथित तौर पर उस साइट पर गया, जहां उसने स्कॉर्पियो छोड़ दी थी और उसे लापता पाया। इसके बाद उसने वाहन चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
7. ट्राइडेंट होटल के सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध महिला कौन है, जहां फरवरी 2021 में वाजे रुका था?
एनआईए ने ट्राइडेंट होटल में लगे एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की, जहां वाजे फरवरी 2021 में रुका था। 30 साल की एक महिला होटल के गलियारे में वाजे से बात करते हुए दिखाई दी और उसके हाथ में एक नोट गिनने की मशीन भी थी। इसके बाद अगली सुबह महिला को हड़बड़ी में होटल से निकलते हुए देखा गया। एनआईए ने महिला का पता लगाया और उसका बयान दर्ज किया। उसकी पहचान अभी भी एक रहस्य है।
28 मार्च को एनआईए ने मीठी नदी से एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, दो हार्ड डिस्क, दो सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट, दो डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर आदि बरामद किए, जिन्हें कथित तौर पर क्षतिग्रस्त करके नदी में फेंक दिया गया था। इसके अलावा एजेंसी ने एक मारुति इको की नंबर प्लेट का एक सेट भी बरामद किया जो नवंबर 2020 में औरंगाबाद से चुराई गई थी।
वाहन का स्वामित्व विनय नाडे के पास था, जिन्होंने 20 नवंबर, 2020 को औरंगाबाद थाने में चोरी किए गए वाहन की सूचना दी थी। सवाल अभी भी बना हुआ है कि क्या वाहन का इस अपराध से कोई लेना-देना नहीं था?
9. क्या मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा गृह मंत्री और सचिन वाजे पर लगाए गए आरोपों के बाद मामले पर कोई असर पड़ा है?
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने 20 मार्च को उनके पद से स्थानांतरित कर दिया गया था। सिंह ने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा था, जिसमें कहा गया था कि राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने वाजे सहित कुछ पुलिस अधिकारियों को शहर में स्थित बार, रेस्तरां और अन्य प्रतिष्ठानों से 10 करोड़ की वसूली करने का लक्ष्य दे रखा था।
देशमुख ने इन आरोपों से इंकार किया है। बता दें विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ राजनेता वाजे की रक्षा कर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि जांच एजेंसियों की जांच से सच्चाई का पता चलेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।